धान की खेती छोड़ ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से बदली किस्मत, भारती बंसल ने कमाए ₹1.37 लाख Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh

धान की खेती छोड़ ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से बदली किस्मत, भारती बंसल ने कमाए ₹1.37 लाख Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh

Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की महिला किसान भारती बंसल ने पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर ग्राफ्टेड टमाटर की खेती को अपनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है। महज 0.40 हेक्टेयर सिंचित भूमि में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने करीब 106 क्विंटल टमाटर का उत्पादन किया और सभी खर्च निकालने के बाद लगभग 1 लाख 37 हजार रुपये का लाभ कमाया। Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो कम जमीन में खेती से बेहतर आमदनी हासिल करना चाहते हैं।

धान की खेती से नहीं हो रही थी पर्याप्त आमदनी

महासमुंद जिले के ग्राम गोंडपाली की रहने वाली भारती बंसल के पास 0.40 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि है। पहले वह इस जमीन पर पारंपरिक तरीके से धान की खेती करती थीं। हालांकि धान की खेती से उन्हें अपेक्षा के अनुसार आमदनी नहीं मिल पा रही थी। कम क्षेत्रफल में बेहतर आय हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी फसल प्रणाली में बदलाव करने का फैसला लिया।

उद्यानिकी फसलों की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने धान की जगह ग्राफ्टेड टमाटर की खेती शुरू की। यही बदलाव आगे चलकर उनकी सफलता का आधार बना। Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh यह बताती है कि किसान यदि अपनी जमीन और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लाभदायक फसल का चयन करें, तो कृषि से होने वाली आय में सुधार किया जा सकता है। Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh

ग्राफ्टेड टमाटर की खेती के लिए मिला सरकारी सहयोग

भारती बंसल को ग्राफ्टेड टमाटर की खेती शुरू करने में उद्यानिकी विभाग, महासमुंद का मार्गदर्शन मिला। इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना यानी RKVY वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैंगन-टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत उन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान DBT के माध्यम से दिया गया।

सरकारी सहायता से उन्हें आधुनिक तरीके से टमाटर की खेती शुरू करने में मदद मिली। विभागीय मार्गदर्शन और तकनीकी जानकारी ने भी फसल प्रबंधन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृषि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाने वाले किसानों के लिए Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh एक उपयोगी उदाहरण है।

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का किया इस्तेमाल

भारती बंसल ने ग्राफ्टेड टमाटर की खेती में आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल किया। उन्होंने खेत में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक को अपनाया। ड्रिप सिंचाई के जरिए पौधों तक जरूरत के अनुसार पानी पहुंचाने में मदद मिली। इससे सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई। वहीं मल्चिंग के इस्तेमाल से खेत में नमी बनाए रखने और खरपतवार नियंत्रण में सहायता मिली। आधुनिक तकनीकों के कारण फसल प्रबंधन आसान हुआ और उपलब्ध पानी तथा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सका। Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh में आधुनिक खेती की इन तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

0.40 हेक्टेयर में 106 क्विंटल टमाटर का उत्पादन

आधुनिक तकनीक और बेहतर फसल प्रबंधन का असर उत्पादन पर भी दिखाई दिया। भारती बंसल ने अपनी 0.40 हेक्टेयर भूमि से करीब 106 क्विंटल टमाटर का उत्पादन हासिल किया। उत्पादन के दौरान टमाटर का औसत बिक्री मूल्य करीब 20 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। खेती में लगभग 75 हजार रुपये की लागत आई। फसल की बिक्री से प्राप्त आय में से उत्पादन लागत और अन्य खर्चों को घटाने के बाद उन्हें लगभग 1 लाख 37 हजार रुपये का लाभ मिला। कम जमीन में हासिल किया गया यह आर्थिक परिणाम Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh को खास बनाता है।

टमाटर की खेती से बढ़ी कृषि आय

भारती बंसल का अनुभव बताता है कि पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को भी कृषि योजना में शामिल किया जा सकता है। खासकर सिंचित जमीन वाले किसान बाजार की मांग और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सब्जी फसलों का चयन कर सकते हैं। ग्राफ्टेड टमाटर जैसी तकनीक आधारित खेती में शुरुआती स्तर पर सही पौध सामग्री, सिंचाई, पोषण और फसल प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी होता है। भारती ने इन पहलुओं पर ध्यान देकर अपनी फसल से बेहतर परिणाम हासिल किए। इसी वजह से Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh फसल विविधीकरण और आधुनिक खेती की उपयोगिता को सामने लाती है।

महिला किसानों के लिए बनीं प्रेरणा

भारती बंसल की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह दूसरी महिला किसानों के लिए भी प्रेरणा है। उन्होंने पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर नई फसल और आधुनिक तकनीक को अपनाया। उनकी कहानी यह दिखाती है कि महिला किसान भी सरकारी योजनाओं, कृषि विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक का लाभ लेकर खेती को अधिक लाभदायक बना सकती हैं। Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh यह संदेश देती है कि सीमित जमीन होने के बावजूद सही फसल चयन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करके बेहतर आर्थिक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

किसानों के लिए क्या है सीख?

भारती बंसल की खेती से किसानों को कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं। सबसे पहले, केवल पारंपरिक फसल पर निर्भर रहने के बजाय बाजार और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल विविधीकरण पर विचार करना चाहिए। दूसरा, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी तकनीकों का सही इस्तेमाल फसल प्रबंधन को आसान बनाने में मदद कर सकता है।

तीसरा, किसानों को कृषि और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की जानकारी लेकर पात्रता के अनुसार सरकारी सहायता का लाभ उठाना चाहिए। Bharti Bansal Tomato Farming Success Story in Chhattisgarh इस बात का उदाहरण है कि खेती में तकनीक, सही योजना और बेहतर फसल चयन को अपनाकर कम क्षेत्रफल से भी अच्छी आमदनी की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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