Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के युवा किसान भूषण महाले ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर मिक्स खेती को अपनाया है। परिवार में पहले मुख्य रूप से केले की खेती होती थी, लेकिन करीब चार साल पहले उन्होंने खेती में बदलाव करते हुए अलग-अलग फसलों को उगाना शुरू किया।
आज वह करीब 5 एकड़ जमीन में केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, तुवर, मूंग और विभिन्न सब्जियों की खेती कर रहे हैं। उनकी खेती से न सिर्फ आमदनी के कई रास्ते बने हैं, बल्कि 10 से 15 स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur खेती में नई सोच और फसल विविधीकरण की मिसाल बन रही है।
Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur की शुरुआत कैसे हुई?
बुरहानपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर टीटगांव में रहने वाले भूषण महाले ने बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान खेती को करीब से समझना शुरू किया। उनके परिवार में पहले से केले की खेती होती थी, लेकिन भूषण ने महसूस किया कि सिर्फ एक फसल पर निर्भर रहने से मौसम और बाजार के जोखिम बढ़ सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने करीब चार साल पहले मिक्स खेती की शुरुआत की। खेती की नई तकनीकों और अलग-अलग फसलों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब का सहारा लिया। इसके बाद उन्होंने अपने खेत में अलग-अलग फसलों का प्रयोग शुरू किया। Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur
5 एकड़ जमीन में उगा रहे कई तरह की फसलें
भूषण महाले वर्तमान में करीब 5 एकड़ जमीन पर कई फसलों की खेती कर रहे हैं। उनके खेत में केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, तुवर और मूंग जैसी फसलें शामिल हैं। इसके साथ ही अलग-अलग प्रकार की सब्जियां भी उगाई जाती हैं। अलग-अलग फसलों की खेती से किसान को एक ही फसल के उत्पादन और बाजार भाव पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। फसल के मौसम और बाजार की मांग को देखते हुए खेती की योजना बनाना भी आसान होता है। Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur
मिक्स खेती से कम किया फसल नुकसान का जोखिम
Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur की सबसे खास बात फसल विविधीकरण है। किसान का मानना है कि खेती में मौसम, कीट-रोग और बाजार भाव में बदलाव का जोखिम हमेशा बना रहता है। ऐसे में एक साथ कई फसलों की खेती करने से किसी एक फसल में नुकसान होने पर दूसरी फसल से आमदनी मिलने की संभावना रहती है। यही वजह है कि भूषण ने अपने खेत में अलग-अलग मौसम की फसलों को शामिल किया है। Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur
मौसम और बाजार के हिसाब से करते हैं फसल का चुनाव
भूषण महाले खेती में मौसम और बाजार की स्थिति को भी ध्यान में रखते हैं। अलग-अलग फसलों की बुवाई और कटाई का समय अलग होने के कारण खेत से अलग-अलग समय पर उत्पादन प्राप्त होता है। इस तरह किसान को सालभर खेती से आमदनी के अवसर मिलते रहते हैं। यही तरीका Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur को खास बनाता है।
खेती के साथ 10 से 15 लोगों को मिल रहा रोजगार
भूषण महाले ने खेती को रोजगार का जरिया भी बनाया है। उनके खेत में खेती से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए करीब 10 से 15 स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। खेती का दायरा बढ़ाने के साथ उनका लक्ष्य आने वाले समय में और अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इस तरह उनकी खेती व्यक्तिगत आमदनी के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार का माध्यम भी बन रही है।
इंटरनेट और यूट्यूब से सीखी खेती की नई तकनीक
भूषण बताते हैं कि उन्होंने खेती की कई नई तकनीकों की जानकारी इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से हासिल की। ऑनलाइन उपलब्ध कृषि संबंधी वीडियो और जानकारियों ने उन्हें नई फसलों और आधुनिक खेती के तरीकों को समझने में मदद की। उन्होंने सिर्फ जानकारी हासिल करने तक इसे सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने खेत की परिस्थितियों के अनुसार नई तकनीकों का प्रयोग भी किया। इससे उन्हें खेती में नए तरीके आजमाने का मौका मिला।
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बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के साथ खेती पर फोकस
भूषण महाले ने बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान खेती के वैज्ञानिक पहलुओं को समझने की कोशिश की। पढ़ाई और इंटरनेट से मिली जानकारी को उन्होंने खेत में प्रयोग के रूप में इस्तेमाल किया। उनका मानना है कि कृषि शिक्षा और आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल किसानों को खेती की बेहतर योजना बनाने में मदद कर सकता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी भूषण महाले की खेती
Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur युवा किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने पारंपरिक केले की खेती से आगे बढ़कर कई फसलों को अपने खेत में शामिल किया और खेती के जोखिम को कम करने की कोशिश की। 5 एकड़ जमीन में अलग-अलग फसलों की खेती के साथ 10 से 15 लोगों को रोजगार देना उनकी खेती की खास उपलब्धि है। उनका लक्ष्य आने वाले समय में खेती का और विस्तार करना और अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
खेती में नई सोच से बढ़ सकते हैं आमदनी के अवसर
भूषण महाले की कहानी बताती है कि खेती में सिर्फ परंपरागत तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण और आधुनिक जानकारी को अपनाया जा सकता है। किसान अपनी जमीन, मौसम, पानी और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग-अलग फसलों की योजना बनाकर जोखिम कम करने की कोशिश कर सकते हैं। Bhushan Mahale Mix Farming Success Story in Burhanpur यह संदेश देती है कि खेती में नई सोच, तकनीक और सही योजना को अपनाकर किसान अपनी आमदनी के साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
