किसानों को फेरोमोन और स्टिकी ट्रैप पर 75% सब्सिडी, जानें आवेदन प्रक्रिया Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026

किसानों को फेरोमोन और स्टिकी ट्रैप पर 75% सब्सिडी, जानें आवेदन प्रक्रिया Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026

फसलों को कीटों से बचाने और रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के लिए बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 के तहत किसानों को फेरोमोन ट्रैप, येलो स्टिकी ट्रैप, ब्लू स्टिकी ट्रैप और फ्रूट फ्लाई ट्रैप की खरीद पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। यह योजना प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिससे किसानों की लागत कम होगी और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा।

Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 क्या है?

Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 कृषि विभाग, बिहार सरकार की पौध संरक्षण उपादान वितरण योजना का हिस्सा है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को जैव नियंत्रक उपकरण उपलब्ध कराना है ताकि वे रासायनिक कीटनाशकों पर कम निर्भर रहें। फेरोमोन ट्रैप और स्टिकी ट्रैप की मदद से हानिकारक कीटों को आकर्षित कर नियंत्रित किया जाता है, जिससे फसल को कम नुकसान होता है और उत्पादन बेहतर मिलता है।

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?

Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 का लाभ खरीफ और रबी दोनों मौसम में खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। कृषि विभाग ने जिले के लिए कुल 1764 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है। एक किसान दोनों सीजन को मिलाकर अधिकतम 5 एकड़ तक इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।यह योजना चना, बैंगन, टमाटर, गेहूं, गोभी तथा अन्य सब्जियों और फलों की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष रूप से लाभदायक मानी जा रही है। प्रत्येक एकड़ में 12 ट्रैप लगाने का प्रावधान किया गया है।

किन-किन ट्रैप पर मिलेगी सब्सिडी?

Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 के तहत किसानों को कई प्रकार के जैव नियंत्रक उपकरणों पर अनुदान मिलेगा। इनमें फेरोमोन ट्रैप, येलो स्टिकी ट्रैप, ब्लू स्टिकी ट्रैप और फ्रूट फ्लाई ट्रैप शामिल हैं। इन उपकरणों का उपयोग फसलों में लगने वाले हानिकारक कीटों की निगरानी और नियंत्रण के लिए किया जाता है। इनकी मदद से कीटनाशकों का उपयोग कम होता है और खेती अधिक सुरक्षित बनती है।

किन कीटों से मिलेगा बचाव?

इस योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले ट्रैप कई प्रमुख कीटों के नियंत्रण में प्रभावी हैं। इनमें चना और बैंगन के फली एवं तना छेदक, मक्का का फॉल आर्मी वर्म, तंबाकू की सुंडी, टॉप बोरर, टमाटर का लीफ माइनर, गेहूं का तना छेदक तथा सब्जियों में लगने वाला डायमंड बैक मॉथ शामिल हैं। फलों में नुकसान पहुंचाने वाली फ्रूट फ्लाई को नियंत्रित करने के लिए विशेष फ्रूट फ्लाई ट्रैप भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

आवेदन कैसे करें?

Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कीटनाशी विक्रेता से जैव नियंत्रक ट्रैप खरीदने होंगे। इसके बाद खरीद से संबंधित बिल और आवश्यक दस्तावेज कृषि विभाग में जमा करने होंगे। सत्यापन के बाद SNA Sparsh मॉड्यूल के माध्यम से 75 प्रतिशत सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए भेज दी जाएगी।

आवेदन कहां करें?

योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन के लिए किसान अपने नजदीकी प्रखंड कृषि कार्यालय, जिला कृषि कार्यालय, जिला पौधा संरक्षण कार्यालय, कृषि समन्वयक या कृषि सलाहकार से संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे लक्ष्य पूरा होने से पहले आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं।

जैव नियंत्रक ट्रैप के क्या फायदे हैं?

Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 के तहत मिलने वाले जैव नियंत्रक ट्रैप किसानों के लिए कई मायनों में फायदेमंद हैं। इनकी मदद से रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम होता है, जिससे खेती की लागत घटती है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, लाभकारी कीटों को कम नुकसान पहुंचता है और फल-सब्जियों की गुणवत्ता में सुधार होता है। यह तकनीक सुरक्षित, किफायती और लंबे समय तक प्रभावी मानी जाती है।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

खेती में लगातार बढ़ रही लागत और कीटों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए Bihar Me Pheromone Trap Subsidy 2026 किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलने से किसान कम खर्च में आधुनिक जैविक कीट प्रबंधन तकनीक अपना सकेंगे। इससे फसल की सुरक्षा बढ़ेगी, उत्पादन में सुधार होगा और रासायनिक कीटनाशकों पर होने वाला खर्च भी कम होगा।बिहार सरकार की यह योजना पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसलिए पात्र किसानों को समय रहते आवेदन कर इस योजना का लाभ अवश्य लेना चाहिए।

author
Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *