Cotton Farming 2026 : खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर के किसानों का रुझान तेजी से कपास की खेती की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग द्वारा कमजोर मॉनसून और कम बारिश की आशंका जताए जाने के बीच किसान ऐसी फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिन्हें अपेक्षाकृत कम पानी की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि इस वर्ष कपास की बुवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि देश में कपास का कुल रकबा इस बार 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
गुजरात में कपास बुवाई ने पकड़ी रफ्तार Cotton Farming 2026
गुजरात इस समय कपास बुवाई में सबसे आगे नजर आ रहा है। राज्य कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार 8 जून 2026 तक किसानों ने 93,499 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई कर दी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 34,011 हेक्टेयर था। यानी एक वर्ष में कपास बुवाई लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि किसान इस सीजन में कपास को अधिक सुरक्षित और लाभदायक फसल के रूप में देख रहे हैं।
देशभर में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है कपास का रकबा
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) की क्रॉप कमेटी के चेयरमैन अतुल गणात्रा के अनुसार मध्य भारत में इस वर्ष कपास का रकबा लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में कपास बुवाई में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो ज्यादा किसान कपास की खेती की ओर आकर्षित होंगे।
पंजाब और हरियाणा में घट सकता है क्षेत्रफल
हालांकि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक पंजाब और हरियाणा में कपास का रकबा कुछ कम हो सकता है। लेकिन राजस्थान में बुवाई क्षेत्र बढ़ने की संभावना के चलते पूरे उत्तर भारत में कुल कपास क्षेत्र 7 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि देशभर में इस वर्ष कपास की बुवाई 130 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हो सकती है। Cotton Farming 2026
MSP में बढ़ोतरी से किसानों को मिला बड़ा प्रोत्साहन
कपास की खेती बढ़ने का सबसे बड़ा कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में हुई बढ़ोतरी को माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए कपास के MSP में 557 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। इसके बाद मध्यम रेशा (Medium Staple) कपास का MSP 8,267 रुपये प्रति क्विंटल और लंबा रेशा (Long Staple) कपास का MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। MSP में इस बढ़ोतरी से किसानों को बेहतर आय की उम्मीद मिली है, जिसके कारण वे कपास की खेती में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। Cotton Farming 2026
सरकारी खरीद की गारंटी से बढ़ा किसानों का भरोसा
किसानों का विश्वास केवल MSP बढ़ने से नहीं बल्कि सरकारी खरीद व्यवस्था से भी मजबूत हुआ है। किसानों को भरोसा है कि आवश्यकता पड़ने पर कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) MSP पर कपास की खरीद करेगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी और उन्हें उचित मूल्य मिलने की संभावना बनी रहेगी। यही वजह है कि कई क्षेत्रों में किसान अन्य फसलों की बजाय कपास को प्राथमिकता दे रहे हैं। Cotton Farming 2026
कम पानी में बेहतर उत्पादन देती है कपास
कपास की फसल अन्य कई खरीफ फसलों की तुलना में कम पानी की मांग करती है। मौसम विशेषज्ञों द्वारा अल नीनो प्रभाव और कमजोर मॉनसून की संभावना जताए जाने के बाद किसान ऐसी फसलों की तलाश में हैं जो कम वर्षा में भी बेहतर उत्पादन दे सकें। कपास इसी श्रेणी की प्रमुख नकदी फसल मानी जाती है। इसलिए कम बारिश की आशंका के बीच किसान इसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। Cotton Farming 2026
मूंगफली की तुलना में कपास अधिक आकर्षक विकल्प
कपास की प्रतिस्पर्धी फसलों में शामिल मूंगफली (ग्राउंडनट) के MSP में इस वर्ष केवल 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कपास के MSP में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। MSP में ज्यादा बढ़ोतरी और सरकारी खरीद की बेहतर संभावना के कारण किसानों को कपास अधिक लाभदायक दिखाई दे रही है। यही कारण है कि कई क्षेत्रों में किसान मूंगफली और अन्य फसलों की जगह कपास की बुवाई बढ़ा रहे हैं। Cotton Farming 2026
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114.82 लाख हेक्टेयर में हुई थी पिछले साल खेती
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश में लगभग 114.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की खेती की गई थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है और कपास का कुल क्षेत्रफल 130 लाख हेक्टेयर के स्तर को पार कर सकता है। Cotton Farming 2026
निष्कर्ष
कमजोर मॉनसून की आशंका, MSP में बढ़ोतरी, सरकारी खरीद की गारंटी और कम पानी की आवश्यकता जैसे कई कारणों से खरीफ सीजन 2026 में कपास की खेती तेजी से बढ़ रही है। गुजरात सहित कई राज्यों में कपास बुवाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यदि मौसम अनुमान सही साबित होते हैं, तो इस वर्ष देश में कपास का रकबा 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे किसानों की आय और कपास उत्पादन दोनों में वृद्धि होने की संभावना है। Cotton Farming 2026
