Dairy Farmer Scheme UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पशुपालकों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अधिक दूध देने वाली उन्नत नस्ल की गायों का पालन करने वाले पात्र पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का लक्ष्य बेहतर नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाना और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। Dairy Farmer Scheme UP
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पशुपालकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान निर्धारित पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। सरकार ने आवेदन की अंतिम तिथि भी तय कर दी है, इसलिए पात्र पशुपालकों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी गई है। Dairy Farmer Scheme UP

उत्तर प्रदेश सरकार ने डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना लागू की है। इस योजना के माध्यम से अधिक दूध उत्पादन करने वाले पात्र गोपालकों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए नकद प्रोत्साहन राशि के साथ प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र पशुपालक 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है ताकि योग्य लाभार्थियों को योजना का पूरा फायदा मिल सके। Dairy Farmer Scheme UP
अधिक दूध देने वाली गायों पर मिलेगा ₹15,000 तक का प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत साहिवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा, गंगातिरी सहित अन्य पात्र स्वदेशी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। Dairy Farmer Scheme UP

योजना के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी पात्र गाय का औसत दूध उत्पादन प्रतिदिन 8 किलोग्राम से अधिक है, तो संबंधित पशुपालक को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, यदि गाय प्रतिदिन 12 किलोग्राम से अधिक दूध देती है, तो पशुपालक ₹15,000 तक के नकद पुरस्कार का पात्र होगा। Dairy Farmer Scheme UP
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र पशुपालक को अधिकतम दो गायों के लिए ही लाभ मिलेगा और यह प्रोत्साहन राशि केवल एक बार प्रदान की जाएगी। चयनित लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी रहे। Dairy Farmer Scheme UP
बारिश में पशुओं को कौन सी घास खिलाएं? एक्सपर्ट से जानें सुरक्षित हरे चारे की सही सलाह
आवेदन के लिए पात्रता और जरूरी शर्तें
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पशुपालकों को सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता और नियमों का पालन करना होगा। आवेदन केवल उन्हीं गायों के लिए मान्य होगा जो प्रथम, द्वितीय या तृतीय ब्यात की हों तथा उनका ब्यात आवेदन की तिथि से 45 दिनों के भीतर हुआ हो।इसके अलावा, संबंधित गाय का सक्रिय बीमा (Active Insurance) होना अनिवार्य है। Dairy Farmer Scheme UP
जिन पशुपालकों को पहले इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है, वे दोबारा इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गाय के दूध उत्पादन का सत्यापन संबंधित पशुधन प्रसार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत या ग्राम विकास अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने वाले पशुपालकों को ही योजना का लाभ और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। Dairy Farmer Scheme UP
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी है। इच्छुक और पात्र पशुपालकों को नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर जाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा करना होगा। अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा करना जरूरी है, क्योंकि इसके बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
ऑनलाइन आवेदन करते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें स्वप्रमाणित आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, गाय के सक्रिय बीमा का प्रमाण, तथा गोपालक और संबंधित गाय का स्पष्ट फोटो शामिल है। फोटो में गाय का ईयर टैग (Ear Tag) स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी जानकारी सही और पूर्ण भरने पर ही आवेदन पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
समय रहते आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं
उत्तर प्रदेश सरकार ने पात्र पशुपालकों से अपील की है कि वे 10 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि इस योजना का लाभ समय पर प्राप्त किया जा सके। समय सीमा के बाद किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहतर होगा।
सरकार का उद्देश्य उन्नत नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना और पशुपालकों की आय को मजबूत बनाना है। इस योजना के माध्यम से आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही, बेहतर गुणवत्ता वाले दूध के उत्पादन में वृद्धि होने से पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और डेयरी क्षेत्र के सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
