El Nino Weather Update 2026 के तहत विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि अगस्त से अक्टूबर 2026 के दौरान अल नीनो तेजी से मजबूत हो सकता है। इस कारण दुनिया के कई देशों में सामान्य से अधिक गर्मी, बारिश के पैटर्न में बदलाव और चरम मौसम की घटनाओं का खतरा बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है तो कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
WMO की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
WMO की मासिक Global Seasonal Climate Update रिपोर्ट के अनुसार El Nino Weather Update 2026 आने वाले महीनों में वैश्विक मौसम का प्रमुख कारक बन सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रशांत महासागर के प्रमुख निगरानी क्षेत्रों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से लगभग 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। समुद्र के लगातार गर्म होने से दुनिया के कई हिस्सों में हीटवेव, अनियमित वर्षा और मौसम की चरम घटनाएं बढ़ सकती हैं।
पॉजिटिव IOD भी बढ़ाएगा मौसम का असर
El Nino Weather Update 2026 के साथ-साथ WMO ने पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) बनने की संभावना भी जताई है। इस स्थिति में पश्चिमी हिंद महासागर सामान्य से अधिक गर्म और पूर्वी हिंद महासागर अपेक्षाकृत ठंडा हो जाता है। जब अल नीनो और पॉजिटिव IOD एक साथ सक्रिय होते हैं, तब सूखा, बाढ़ और जंगल की आग जैसी घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर हिंद महासागर क्षेत्र और उससे जुड़े देशों पर देखने को मिल सकता है।
तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की आशंका
El Nino Weather Update 2026 के अनुसार अफ्रीका, दक्षिणी यूरोप, अरब प्रायद्वीप, भारतीय उपमहाद्वीप, पूर्वी एशिया, मध्य अमेरिका, कैरिबियन, दक्षिणी अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के कई हिस्सों और न्यूजीलैंड में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण हीटवेव की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य, बिजली की मांग और जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
बारिश के पैटर्न में आएगा बड़ा बदलाव
WMO का अनुमान है कि El Nino Weather Update 2026 के दौरान बारिश का वितरण सामान्य वर्षों की तुलना में काफी अलग रहेगा। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होगी, जबकि कई हिस्सों में वर्षा की कमी देखने को मिल सकती है। अफ्रीका, दक्षिणी यूरोप, पश्चिमी उत्तरी अमेरिका और दक्षिण-पूर्वी दक्षिण अमेरिका में अधिक बारिश की संभावना है। वहीं भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिणी और पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, मध्य अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों, कैरिबियन, उत्तर-पश्चिमी दक्षिण अमेरिका और उत्तरी यूरोप में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।
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UN महासचिव ने भी दी चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने El Nino Weather Update 2026 पर चिंता जताते हुए कहा कि अल नीनो अब केवल भविष्य का खतरा नहीं है, बल्कि इसका असर दुनिया महसूस करने लगी है। उन्होंने कहा कि पहले से बढ़ रही वैश्विक गर्मी, रिकॉर्ड स्तर तक गर्म होते समुद्र और जंगल की आग जैसी घटनाओं के बीच अल नीनो स्थिति को और गंभीर बना सकता है। उन्होंने जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग को जलवायु संकट का प्रमुख कारण बताते हुए कार्बन उत्सर्जन कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
किसानों और आम लोगों पर क्या होगा असर?
भारत सहित कई देशों के किसानों के लिए El Nino Weather Update 2026 बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहता है या वर्षा का वितरण असमान होता है, तो खरीफ फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। वहीं अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की नियमित सलाह पर नजर रखते हुए सिंचाई, फसल प्रबंधन और जल संरक्षण की बेहतर योजना बनानी चाहिए।
