गन्ने की तीसरी बंधाई कब करें? सितंबर के पहले सप्ताह तक जरूर करें ये जरूरी काम Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

गन्ने की तीसरी बंधाई कब करें? सितंबर के पहले सप्ताह तक जरूर करें ये जरूरी काम Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare: गन्ने की फसल इस समय खेतों में अच्छी तरह से बढ़ रही है। बारिश और तेज हवाओं के बीच किसानों के लिए फसल को गिरने से बचाना सबसे जरूरी कामों में से एक है। गन्ने के पौधे जैसे-जैसे ऊंचे और भारी होते जाते हैं, उनके तेज हवा के कारण गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त के अंतिम दिनों से सितंबर के पहले सप्ताह तक गन्ने की तीसरी और अंतिम कैंची बंधाई कर लेनी चाहिए। सही समय पर की गई बंधाई से गन्ने के पौधों को आपस में सहारा मिलता है और बारिश व तेज हवाओं के दौरान फसल के गिरने की संभावना कम होती है। इसलिए जिन किसानों के खेत में गन्ना अच्छी ऊंचाई तक पहुंच चुका है, उन्हें बंधाई के काम में देरी नहीं करनी चाहिए। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare?

गन्ने की तीसरी बंधाई अगस्त के आखिरी दिनों से सितंबर के पहले सप्ताह के बीच करना उचित माना जाता है। इस समय तक गन्ने के पौधे काफी ऊंचे हो जाते हैं और उनके तने पर वजन भी बढ़ने लगता है। अगर इसी दौरान तेज हवा या लगातार बारिश हो जाए तो कमजोर सहारे वाले पौधे जमीन पर गिर सकते हैं। इसलिए किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए तीसरी बंधाई समय पर पूरी कर लेनी चाहिए। खासतौर पर ऐसे खेत, जहां गन्ने की फसल घनी और ऊंची है, वहां बंधाई का काम ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। बंधाई से पौधे एक-दूसरे का सहारा लेते हैं और खेत में खड़े रहने की क्षमता बढ़ती है।

Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare गन्ने की पहली बंधाई कब करनी चाहिए?

गन्ने की बंधाई फसल की बढ़वार के अनुसार अलग-अलग चरणों में की जाती है। जब गन्ने के पौधों की लंबाई करीब 5 फीट हो जाए, तब पहली बंधाई की जाती है। पहली बंधाई का उद्देश्य शुरुआती अवस्था में पौधों को सहारा देना होता है। पहली बंधाई के लिए सूखी गन्ने की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। पौधों को जमीन से करीब 1 से 1.5 फीट की ऊंचाई पर बांधा जाता है। इससे पौधे एक साथ रहते हैं और हवा चलने पर उनके झुकने की संभावना कम होती है। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare दूसरी बंधाई कब की जाती है?

पहली बंधाई के करीब 15 से 20 दिन बाद दूसरी बंधाई की जाती है। इसे पहली बंधाई से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर किया जाता है। इस समय तक गन्ने की लंबाई और वजन दोनों बढ़ने लगते हैं, इसलिए पौधों को अतिरिक्त सहारे की जरूरत पड़ती है। दूसरी बंधाई के बाद गन्ने की फसल आगे बढ़ती रहती है। इसके बाद जब फसल अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में पहुंचती है, तब तीसरी और अंतिम बंधाई की जाती है। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

क्या होती है गन्ने की कैंची बंधाई?

गन्ने की तीसरी बंधाई को आमतौर पर कैंची बंधाई कहा जाता है। इसमें बंधाई करने का तरीका सामान्य बंधाई से थोड़ा अलग होता है। एक लाइन के दो गन्ने के झुंडों को दूसरी लाइन के एक झुंड के साथ मिलाकर बांधा जाता है। इसके बाद अगली बंधाई में इसी क्रम को उलट दिया जाता है। इस तरह अलग-अलग झुंड आपस में जुड़कर एक मजबूत सहारा बनाते हैं। तेज हवा चलने पर एक पौधे का सहारा दूसरे पौधे को मिलता है, जिससे पूरी फसल के गिरने का खतरा कम हो सकता है। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare तीसरी बंधाई गन्ने के लिए क्यों जरूरी है?

गन्ने की तीसरी बंधाई फसल की अंतिम अवस्था में की जाती है, जब पौधे काफी ऊंचे और भारी हो चुके होते हैं। इस अवस्था में अगर फसल गिर जाती है तो किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बंधाई करने से पौधों को सहारा मिलता है और वे खेत में सीधे खड़े रहते हैं। सीधे खड़े पौधों को धूप और हवा बेहतर तरीके से मिल सकती है। इससे गन्ने की सामान्य बढ़वार और विकास में मदद मिलती है। इसके अलावा, बारिश के दौरान गन्ने के पौधों के जमीन पर बिछने की संभावना भी कम होती है। इससे फसल को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

गन्ने की बंधाई नहीं करने पर क्या नुकसान हो सकता है?

अगर समय पर गन्ने की बंधाई नहीं की जाए तो तेज हवा और बारिश के दौरान पौधे जमीन पर गिर सकते हैं। गन्ने के जमीन से सटने पर उसकी आंखों से नए अंकुर निकलने की संभावना रहती है। इससे गन्ने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। गिरा हुआ गन्ना खेत में लंबे समय तक रहने पर किसानों के लिए कटाई और ढुलाई का काम भी मुश्किल कर सकता है। इसके अलावा, फसल को संभालने में अतिरिक्त मजदूरी और समय लग सकता है। इसीलिए किसानों को मौसम खराब होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते गन्ने की तीसरी बंधाई पूरी कर लेनी चाहिए।

बंधाई से खेत में हवा का आवागमन रहेगा बेहतर

सही तरीके से बंधाई करने पर गन्ने के पौधे व्यवस्थित तरीके से खड़े रहते हैं। इससे खेत में हवा का आवागमन बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त हवा और धूप मिलने से फसल के लिए अनुकूल वातावरण बना रहता है। घने खेतों में बारिश के बाद नमी लंबे समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में खेत की उचित देखभाल और पौधों की सही स्थिति बनाए रखना जरूरी होता है। किसानों को बंधाई के साथ खेत में पानी निकासी की भी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

बंधाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान

गन्ने की बंधाई करते समय किसानों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पौधों को बहुत ज्यादा कसकर न बांधा जाए। जरूरत के अनुसार ही पौधों के झुंड को आपस में जोड़ा जाना चाहिए। बंधाई के लिए ऐसी सामग्री का इस्तेमाल करें जिससे पौधों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही खेत में बहुत ज्यादा झुके या कमजोर पौधे दिखाई दें तो उन्हें भी उचित सहारा देने की कोशिश करनी चाहिए। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare

किसानों के लिए जरूरी सलाह

जिन किसानों के खेत में गन्ने की फसल अच्छी ऊंचाई पर पहुंच चुकी है, उन्हें अब बंधाई के काम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। Ganne Ki Teesri Bandhai Kab Kare का सही समय अगस्त के अंतिम दिनों से सितंबर के पहले सप्ताह तक माना जाता है। बारिश और तेज हवाओं के मौसम में फसल को गिरने से बचाने के लिए यह काम समय पर करना बेहद जरूरी है।

किसान सितंबर के पहले सप्ताह तक तीसरी कैंची बंधाई का काम पूरा कर लें। इससे गन्ने के पौधों को मजबूत सहारा मिलेगा और मौसम की वजह से फसल के गिरने का खतरा कम किया जा सकेगा। समय पर की गई बंधाई के साथ किसान खेत में जल निकासी, खरपतवार नियंत्रण और फसल की नियमित निगरानी पर भी ध्यान दें। इससे गन्ने की फसल को स्वस्थ रखने और बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिल सकती है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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