गेहूं कटाई के बाद किसान उड़द की इन 5 टॉप किस्मों की करें बुवाई, 75 दिन में तैयार हो जाएगी फसलGehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal

गेहूं कटाई के बाद किसान उड़द की इन 5 टॉप किस्मों की करें बुवाई, 75 दिन में तैयार हो जाएगी फसलGehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal

उड़द की ऐसी कुछ खास उन्नत किस्में बहुत जल्दी तैयार हो जाती हैं और किसानों को अच्छा मुनाफा भी देती हैं. उड़द की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम पानी और कम देखभाल में तैयार हो जाती है. यह मिट्टी की उर्वरता  भी बढ़ाती है, जिससे अगली फसल की पैदावार भी अच्छी रहती है.

 पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मार्च महीने के आखरी हफ्ते से गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी. इसके बाद खरीफ सीजन तक आधे से ज्यादा खेत खाली रहेंगे. लेकिन अगर किसान चाहें, तो गेहूं की कटाई करने के बाद उड़द की बुवाई कर सकते हैं. इससे अच्छी कमाई भी होगी. खास बात यह है कि बाज़ार में कई ऐसी उड़द की किस्में हैं, जिसकी बुवाई करने पर 75 दिनों में ही फसल पक कर तैयार हो जाएगी. यानी किसानों को उड़द की कटाई करने के बाद समय पर धान की बुवाई करने का भी वक्त मिल जाएगा. Gehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal

Gehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal

ये हैं उड़द की उन्नत टॉप 5 किस्में

  • पीडीयू 1-  इसे भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है. यह अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों में आती है. इसके इस्तेमाल से किसान प्रति हेक्टेयर 10- 11 क्विंटल तक की फसल ले सकते हैं.
  • आजाद 2- उत्तर प्रदेश में यह बहुत लोकप्रिय किस्म है. 75- 80 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इसके दाने बड़े और मध्यम काले रंग के होते हैं. सही खेती करने पर प्रति हेक्टेयर 10- 11 क्विंटल उत्पादन मिल सकता है.
  • टी 9-  इसके दाने मध्यम आकार के, काले और चमकदार होते हैं. यह किस्म किसानों में बहुत लोकप्रिय है और बड़े पैमाने पर उगाई जाती है. बुवाई के 75-80 दिन में ही कटाई के लिए तैयार हो जाती है. गर्मियों में बोने पर यह मॉनसून से पहले ही तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 9-10 क्विंटल तक पैदावार देती है.
  • ईपीयू 94-1-  यह किस्म खासकर मैदानी इलाकों के किसानों के लिए लाभकारी है. इसे पकने में लगभग 85 दिन लगते हैं. समय थोड़ा ज्यादा है, लेकिन इसका उत्पादन भी अच्छा होता है. एक हेक्टेयर खेत में इससे 11- 12 क्विंटल तक उपज मिल सकती है.Gehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal
Gehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal
administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *