बरसात का मौसम पशुपालकों के लिए हरे चारे की भरपूर उपलब्धता लेकर आता है। इस समय अधिकांश किसान अपने पशुओं को अधिक मात्रा में Green Fodder खिलाते हैं ताकि दूध उत्पादन अच्छा बना रहे। लेकिन कई बार यही आदत दूध की गुणवत्ता को प्रभावित कर देती है। बारिश के दिनों में गाय और भैंस का दूध अपेक्षाकृत पतला होने लगता है, जिसका मुख्य कारण हरे चारे और पानी के बीच संतुलन का बिगड़ना होता है।
बरसात में दूध पतला क्यों हो जाता है?
पशु पोषण विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के दौरान पशुओं के आहार में Green Fodder की मात्रा अचानक बढ़ा दी जाती है। हरे चारे में पहले से ही काफी नमी मौजूद होती है और बारिश के कारण इसकी पानी की मात्रा और बढ़ जाती है। जब पशु इस चारे के साथ सामान्य मात्रा में पानी भी पीता है, तब शरीर में अतिरिक्त पानी पहुंचता है। इसका असर दूध की संरचना पर पड़ता है और दूध पहले की तुलना में पतला दिखाई देने लगता है।
Green Fodder में कितनी नमी होती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि एक किलोग्राम Green Fodder में लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक नमी होती है। व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो इससे पशु के शरीर में करीब 3 से 4 लीटर तक पानी पहुंच सकता है। यदि लगातार अधिक मात्रा में यही चारा खिलाया जाए तो दूध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए हरे चारे की मात्रा हमेशा पशु की जरूरत के अनुसार तय करनी चाहिए।
सिर्फ Green Fodder पर निर्भर रहना सही नहीं
बरसात में केवल हरा चारा खिलाना पशुओं के लिए लाभदायक नहीं माना जाता। पशुओं के दैनिक आहार में Green Fodder के साथ सूखा चारा, भूसा और संतुलित पशु आहार भी शामिल होना चाहिए। इससे पाचन तंत्र बेहतर रहता है और दूध की गुणवत्ता भी बनी रहती है। संतुलित आहार पशु के स्वास्थ्य और उत्पादन दोनों के लिए जरूरी होता है।
अधिक Green Fodder खिलाने से क्या नुकसान होता है?
यदि पशु जरूरत से ज्यादा Green Fodder खाता है तो उसके पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे अपच, दस्त और पाचन संबंधी अन्य समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। जब पाचन प्रभावित होता है तो दूध उत्पादन भी कम होने लगता है और दूध की गुणवत्ता में भी बदलाव दिखाई देता है। इसलिए चारे की मात्रा हमेशा संतुलित रखनी चाहिए।
दूध देने वाली गाय और भैंस को कितना पानी चाहिए?
दूध देने वाली गाय को प्रतिदिन लगभग 30 से 50 लीटर साफ पानी की आवश्यकता होती है, जबकि दूध देने वाली भैंस को 40 से 70 लीटर पानी चाहिए। हालांकि पानी की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है, लेकिन Green Fodder से मिलने वाली नमी को भी ध्यान में रखना चाहिए। पशु के सामने हमेशा साफ और सामान्य तापमान का पानी उपलब्ध रहना चाहिए ताकि वह अपनी आवश्यकता के अनुसार पानी पी सके।
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बरसात में पशुओं का आहार कैसे संतुलित रखें?
बरसात के मौसम में खेत से लाया गया Green Fodder यदि बहुत अधिक भीगा हुआ हो तो उसे तुरंत नहीं खिलाना चाहिए। अतिरिक्त पानी निकलने के बाद ही चारा देना बेहतर रहता है। इसके साथ सूखा चारा, मिनरल मिक्सचर और संतुलित दाना देने से पाचन बेहतर रहता है। सड़ा-गला या फफूंद लगा चारा कभी भी पशुओं को नहीं खिलाना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
पानी पशुओं के लिए क्यों जरूरी है?
पानी पशुओं के शरीर में भोजन पचाने, पोषक तत्वों के परिवहन, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दूध में लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा पानी का होता है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना आवश्यक है। यदि Green Fodder और पीने के पानी का संतुलन सही रखा जाए तो दूध की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर बने रहते हैं।
पशुपालकों के लिए विशेषज्ञों की सलाह
बरसात के मौसम में Green Fodder पशुओं के लिए बेहद उपयोगी होता है, लेकिन इसकी मात्रा हमेशा संतुलित होनी चाहिए। हरे चारे के साथ सूखा चारा, संतुलित दाना और स्वच्छ पानी देने से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध की गुणवत्ता बनी रहती है। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर पशुपालक पतले दूध की समस्या से बच सकते हैं और बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
