गुजरात में MSP पर धान की AI से जांच, 10 केंद्रों पर मशीन से हो रही क्वालिटी टेस्टिंग Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch

गुजरात में MSP पर धान की AI से जांच, 10 केंद्रों पर मशीन से हो रही क्वालिटी टेस्टिंग Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch

Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch अब गुजरात में धान खरीद प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन रही है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीदे जाने वाले धान की गुणवत्ता जांच को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने AI आधारित ग्रेन एनालाइजर का इस्तेमाल शुरू किया है। खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2025-26 में यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार जिलों के 10 खरीद केंद्रों पर शुरू की गई।

इस तकनीक के जरिए किसानों से खरीदे जाने वाले धान के सैंपल की जांच मशीन से की जा रही है। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch होने से धान की गुणवत्ता तय करने की प्रक्रिया में एकरूपता लाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे खरीद प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज हो सकती है।

6,191 धान सैंपल की AI से हुई जांच

गुजरात स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान कुल 6,191 धान सैंपल की AI सिस्टम से जांच की गई। इनमें 3,379 सैंपल यानी 54.6 फीसदी ग्रेड A पाए गए, जबकि 2,812 सैंपल यानी 45.4 फीसदी कॉमन ग्रेड में रखे गए। जांच के दौरान 341 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।

यह पायलट प्रोजेक्ट अहमदाबाद, आनंद, महिसागर और पंचमहल जिलों के 10 खरीद केंद्रों पर चलाया गया। इन केंद्रों पर कुल 13,334 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch के तहत इन सैंपल की जांच से यह पता लगाने में मदद मिली कि किसानों द्वारा लाया गया धान निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है या नहीं।

AI मशीन धान में किन चीजों की जांच करती है?

AI आधारित ग्रेन एनालाइजर धान के सैंपल में कई महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों की जांच करता है। मशीन धान में मौजूद बाहरी पदार्थ, खराब या रंग बदले हुए दानों और अधपके या सिकुड़े हुए दानों की पहचान करती है। इसके अलावा धान में दूसरी किस्म के अनाज की मिलावट और नमी की मात्रा की भी जांच की जाती है। ये सभी मानक धान की गुणवत्ता और उसकी ग्रेडिंग तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मशीन से जांच होने के कारण सैंपल की गुणवत्ता का आकलन तेजी से किया जा सकता है। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को अधिक आसान और व्यवस्थित बनाना है।

ढोलका में सबसे ज्यादा सैंपल हुए रिजेक्ट

पायलट प्रोजेक्ट के दौरान अलग-अलग खरीद केंद्रों पर धान के रिजेक्शन की दर में अंतर देखने को मिला। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ढोलका खरीद केंद्र पर सबसे ज्यादा 24 फीसदी सैंपल रिजेक्ट हुए। वहीं विरमगाम खरीद केंद्र पर एक भी सैंपल रिजेक्ट नहीं किया गया। इससे अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले धान की गुणवत्ता में अंतर का पता चलता है। सरकार के अनुसार, AI सिस्टम को संचालित करने के लिए खरीद केंद्र पर लगातार बिजली और एक कर्मचारी की जरूरत होती है। इसके मुकाबले मौजूदा थर्ड पार्टी ग्रेडिंग व्यवस्था में सैंपल लेने और वैज्ञानिक उपकरणों से जांच करने के लिए दो कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है।

MSP पर धान के साथ दूसरी फसलों की भी खरीद

गुजरात में MSP के तहत सिर्फ धान की खरीद नहीं होती है। किसानों से गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी जैसी फसलों की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाती है। इन फसलों की खरीद के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के जरिए लोगों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखना भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch जैसी तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में अन्य कृषि उपज की गुणवत्ता जांच को भी आधुनिक बनाने में मदद कर सकता है।

खाद्य सामग्री की क्वालिटी पर भी निगरानी

गुजरात स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन की ओर से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की भी निगरानी की जाती है। तूर दाल, चना, खाने का तेल, चीनी और डबल फोर्टिफाइड नमक जैसी खाद्य सामग्री के लिए गुणवत्ता मानक तय किए गए हैं। इनमें कुछ मानक FSSAI के सामान्य मानकों से भी ज्यादा सख्त बताए गए हैं। तूर दाल और चने के गोदामों में पहुंचने वाले सैंपल की 100 फीसदी क्रॉस-वेरिफिकेशन फूड रिसर्च लैबोरेटरी और क्वालिटी कंट्रोल शाखा के जरिए की जाती है। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch

किसानों के लिए AI जांच से क्या फायदा होगा?

Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch से किसानों के धान की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। मशीन के जरिए निर्धारित मानकों के आधार पर सैंपल की जांच होने से ग्रेडिंग प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सकती है। AI तकनीक से धान के सैंपल में नमी, खराब दाने, बाहरी पदार्थ और दूसरी गुणवत्ता संबंधी कमियों की पहचान करने में मदद मिलती है।

इससे खरीद केंद्रों पर जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch का एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि गुणवत्ता जांच के दौरान मानवीय हस्तक्षेप को कम करने में मदद मिले। इससे किसानों के बीच MSP खरीद प्रक्रिया को लेकर भरोसा बढ़ सकता है।

भविष्य में बढ़ सकता है AI तकनीक का इस्तेमाल

फिलहाल AI आधारित ग्रेन एनालाइजर का इस्तेमाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार जिलों के 10 खरीद केंद्रों पर किया गया है। Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch के इस प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है।

अगर पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो इस तकनीक को राज्य के अन्य धान खरीद केंद्रों तक बढ़ाया जा सकता है। इससे गुजरात में MSP पर धान खरीद की प्रक्रिया को तकनीक आधारित, तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है। इस तरह Gujarat Mein MSP Par Dhan Ki AI Se Janch किसानों और सरकारी खरीद व्यवस्था दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल साबित हो सकती है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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