MP Weather Today के ताजा अपडेट के अनुसार, जुलाई के अंतिम दिनों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश अब भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज कर रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 390.3 मिमी (15.4 इंच) वर्षा हुई है, जबकि इस समय तक 448.4 मिमी (17.6 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। यानी अभी भी करीब 58 मिमी (2.3 इंच) बारिश का घाटा बना हुआ है।प्रदेश के 55 जिलों में से 42 जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश वाले हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगस्त में नए मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने पर बारिश की स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
मालवा-निमाड़ में हुई सबसे ज्यादा बारिश
MP Weather Today रिपोर्ट के अनुसार पिछले 48 घंटों में सबसे अधिक बारिश मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दर्ज की गई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, धार और रतलाम सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा।सबसे अधिक बारिश खरगोन जिले के गोगावां में 7.6 इंच दर्ज की गई। इसके अलावा बुरहानपुर शहर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई।
अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना नहीं
MP Weather Today के अनुसार मौसम विभाग ने बताया है कि पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ रही हैं। इसी वजह से अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं है।हालांकि यदि अगस्त के पहले सप्ताह में नया लो-प्रेशर सिस्टम या मानसूनी तंत्र सक्रिय होता है तो कई जिलों में फिर से अच्छी बारिश हो सकती है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कितनी रही बारिश
MP Weather Today के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 11 प्रतिशत बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के कमजोर पड़ने से जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश का ग्राफ फिर नीचे आ गया।
इन 42 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
MP Weather Today के अनुसार अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है।
14 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
MP Weather Today के तहत मौसम विभाग और केंद्रीय हाइड्रोलॉजिकल विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है। इनमें आगर-मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, रतलाम और शाजापुर शामिल हैं।इन जिलों के निचले इलाकों में जलभराव और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों को पार न करने और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की अपील की है।
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पूरे मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट जारी
MP Weather Today के अनुसार 1 अगस्त 2026 के लिए पूरे मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, सतना, सीधी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।इसके अलावा कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
जून और जुलाई दोनों रहे कमजोर
MP Weather Today के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून दो बार कमजोर पड़ने से बारिश का ग्राफ फिर नीचे चला गया। अब अगस्त में बनने वाले नए मानसूनी सिस्टम से ही बारिश का घाटा कम होने की उम्मीद है।मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य मानसूनी वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
