Khad Sankat Par Kisan Andolan News : देशभर में बढ़ती खाद किल्लत, महंगाई, भूमि अधिग्रहण और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के आह्वान पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया और मांगों को जल्द पूरा नहीं किए जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
खाद संकट को लेकर किसानों में बढ़ा आक्रोश Khad Sankat Par Kisan Andolan News
किसान संगठनों का कहना है कि देश के कई राज्यों में यूरिया खाद का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। किसानों को समय पर और सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का आरोप है कि कई क्षेत्रों में निजी डीलरों द्वारा यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है, जबकि सहकारी समितियों में भी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद देने के बजाय नैनो यूरिया और अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
किसान नेताओं ने कृषि विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग खाद वितरण व्यवस्था को नियंत्रित करने और कालाबाजारी रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने मांग की कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार तत्काल यूरिया उपलब्ध कराया जाए तथा दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
पांच राज्यों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन
ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा के अनुसार पंजाब के 74, हरियाणा के 5 और राजस्थान के 9 स्थानों सहित कई जिलों में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पुतले जलाए और कृषि नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान संगठनों का आरोप है कि वर्तमान नीतियां किसानों के हितों के बजाय कॉर्पोरेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने पर केंद्रित हैं। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
बढ़ती खेती लागत से किसानों पर बढ़ रहा कर्ज का बोझ
किसान नेताओं का कहना है कि डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण खेती की लागत तेजी से बढ़ रही है। सिंचाई, जुताई, परिवहन और अन्य कृषि कार्यों में खर्च बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। वहीं दूसरी ओर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने के कारण किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि मशीनरी जैसे जरूरी कृषि इनपुट की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे छोटे और मध्यम किसान कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
भूमि अधिग्रहण नीति के खिलाफ भी उठी आवाज
किसान संगठनों ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों में भूमि अधिग्रहण की नीतियों पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं और औद्योगिक निवेश के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। किसानों ने मांग की कि किसी भी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की सहमति लेना अनिवार्य किया जाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का किया विरोध
प्रदर्शन के दौरान किसान संगठनों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का भी विरोध किया। नेताओं का कहना है कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों का आयात बढ़ता है तो भारतीय किसानों को अपनी उपज के उचित दाम मिलने में और अधिक कठिनाई होगी। उनका आरोप है कि सस्ते आयातित कृषि उत्पाद घरेलू बाजार को प्रभावित करेंगे और किसानों की आय पर नकारात्मक असर डालेंगे। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की कि भारतीय किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए किसी भी ऐसे समझौते पर पुनर्विचार किया जाए जो कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की निंदा
मोर्चा नेताओं ने पटियाला में आंदोलनकारी किसानों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज की भी निंदा की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को किसानों की जायज मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। किसान संगठनों ने मांग की कि आंदोलनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए और किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाए। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
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मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन
ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि खाद संकट, बढ़ती महंगाई, भूमि अधिग्रहण और किसानों-मजदूरों से जुड़े अन्य मुद्दों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसान संगठनों का कहना है कि देशभर के किसान एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
निष्कर्ष
देशभर में बढ़ता यूरिया संकट, कृषि लागत में वृद्धि, भूमि अधिग्रहण और व्यापारिक नीतियों को लेकर किसानों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। विभिन्न राज्यों में हुए विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि किसान अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। यदि सरकार समय रहते इन मुद्दों पर प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले समय में किसान आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। Khad Sankat Par Kisan Andolan News
