खेती पर 3446 करोड़ खर्च करेगा बिहार, गेहूं, मक्का-मखाना और धान उत्पादन बढ़ाने के साथ जैविक खेती पर जोर Kheti par 3446 Cr. khrch karega , gehu, makka-makhana or dhan utpadan badhane ke sath jaivik kheti par jor

खेती पर 3446 करोड़ खर्च करेगा बिहार, गेहूं, मक्का-मखाना और धान उत्पादन बढ़ाने के साथ जैविक खेती पर जोर Kheti par 3446 Cr. khrch karega , gehu, makka-makhana or dhan utpadan badhane ke sath jaivik kheti par jor

कृषि मंत्री ने कहा है की मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को रासायनिक खाद के असर से बचाने के लिए सभी जिलो में कुल 50000 एकड़ जमीन पर दो साल तक क्लस्टर में प्राकृतिक खेती की जायेगी. इसके लिए 400 क्लस्टर बनाये जायेंगे, एक क्लस्टर में 125 किसान शामिल होंगे.

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बिहार विधान परिषद में कृषि विभाग का वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है . कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि विभागीय योजनाओं के लिए 3446.45 करोड़ रुपये की बजट मांग को सदन ने पारित किया. उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि विकास की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप से कार्य किया जा रहा है. वर्तमान में चतुर्थ कृषि रोड मैप (2023-28) का सफल क्रियान्वयन जारी है. राज्य में मुख्य रूप से चावल, गेहूं, मक्का, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती की जाती है और पिछले वर्षों में उत्पादन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. वर्ष 2005 की तुलना में खाद्यान्न उत्पादन तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है.Kheti par 3446 Cr. khrch karega , gehu, makka-makhana or dhan utpadan badhane ke sath jaivik kheti par jor

कृषि पर खर्च के लिए 3446 करोड़ रुपये का बजट पास

बिहार के कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान बीते हुए वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग की ओर से 3272.83 करोड़ रुपये की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. राज्य सरकार के संकल्प अंतर्गत बिहार एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन का गठन कर शुरूआत में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है. इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के संकल्प अंतर्गत प्रदेश भर में छटाई एवं ग्रेडिंग यूनिट, कोल्ड चेन चैम्बर्स, गोदाम, प्रोसेसिंग सेन्टर आदि का निर्माण करना, चावल की सुगंधित किस्में जैसे- सोनाचूर, मोकरी, कतरनी, मर्चा का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के लिए प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी.  श्रीअन्न के उत्पादन को दोगुना करना, एक्जोटिक फलों जैसे-स्ट्रॉबेरी एवं ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ाना तथा प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करना है.

53 कृषि बाजारों को आधुनिक किया जा रहा

राज्य को कृषि स्टार्टअप का हब बनाने के लिए जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की मार्केटिंग और बाजार उपलब्ध कराने के लिए बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन की शुरुआत की गई है. राज्य के कुल 53 कृषि उपज बाजारों को आधुनिक किया जा रहा है. राज्य के 20 बाजार ई-नाम से जुड़ चुके हैं एवं 34 बाजारों को जोड़ा जा रहा है. किसानों को उनके उत्पाद पर अंतिम उपभोक्ता मूल्य का बेहतर हिस्सा दिलाने के उद्देश्य से भंडारण, अनुदानित दर पर गोदाम एवं कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, मूल्य संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए समेकित बाजार प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है.

कृषि शिक्षा और रिसर्च के लिए मजबूत कदम

कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को सुदृढ़ बनाने के लिए सबौर (भागलपुर) में कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय तथा आरा (भोजपुर) में कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय की आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में दलहन, तिलहन एवं पोषक अनाज के अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है. प्रखंड उद्यान पदाधिकारी के 181 पदों पर नियुक्ति की गई है तथा पौधा संरक्षण से संबंधित 694 पदों के पुनर्गठन/सृजन की स्वीकृति दी गई है.Kheti par 3446 Cr. khrch karega , gehu, makka-makhana or dhan utpadan badhane ke sath jaivik kheti par jor

खाद्यान्न उत्पादन में नया रिकॉर्ड बना

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में राज्य में अब तक का सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन हुआ है. अंतिम आकलन के अनुसार 326.62 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन दर्ज किया गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. वर्ष 2024-25 में स्वीट कॉर्न एवं बेबी कॉर्न को बढ़ावा देने हेतु 10,929 किसानों के बीच 178.16 क्विंटल बीज वितरित किया गया. दलहनी फसलों के विस्तार हेतु 4,71,521 किसानों को 65,777 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया, जबकि मोटा अनाज उत्पादन बढ़ाने के लिए 75,701 किसानों के बीच 3,895.10 क्विंटल बीज वितरित किया गया. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मखाना उत्पादन के लिए विभिन्न जिलों में 300 लाख रुपये की लागत से 43 मखाना भंडारण का निर्माण कराया गया है.

मिट्टी की ताकत बढ़ाने के लिए जैविक खेती पर फोकस

मंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, इसलिए राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है. बिहार राज्य जैविक मिशन के अंतर्गत सभी 38 जिलों में जैविक खेती प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.22 करोड़ रुपये की राशी स्वीकृत की गयी हैं. किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से “कृषि जन कल्याण चौपाल” कार्यक्रम राज्य की सभी पंचायतों में आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से 8,47,798 किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई.

0 हजार एकड़ जमीन पर क्लस्टर बनाकर प्राकृतिक खेती होगी

कृषि मंत्री ने कहा है कि मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए और लोगों को रासायनिक खाद के असर से बचाने के लिए सभी जिले में कुल 50000 एकड़ जमीन पर दो साल तक क्लस्टर में प्राकृतिक खेती की जायेगी. इसके लिए 400 क्लस्टर बनाये जायेंगे, एक क्लस्टर में 125 किसान शामिल होंगे. हर जिले से किसानों को चुना जा रहा है. कृषि विज्ञान केन्द्र के सहयोग से कृषि विभाग की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है. राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बिहार राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण एजेंसी कार्यरत हैं, जो राज्य के किसानों को निःशुल्क जैविक प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध करा रही है.Kheti par 3446 Cr. khrch karega , gehu, makka-makhana or dhan utpadan badhane ke sath jaivik kheti par jor

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