खुरपका-मुंहपका टीकाकरण की तारीख बढ़ी, 90 लाख से ज्यादा पशुओं को लगा मुफ्त टीका Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh

खुरपका-मुंहपका टीकाकरण की तारीख बढ़ी, 90 लाख से ज्यादा पशुओं को लगा मुफ्त टीका Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh

Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh: मध्य प्रदेश में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी से बचाने के लिए चलाए जा रहे मुफ्त टीकाकरण अभियान की अवधि बढ़ा दी गई है। सरकार ने Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh को बढ़ाकर अब 15 सितंबर 2026 कर दिया है। पहले यह अभियान 5 सितंबर तक चलाया जाना था। अब पशुपालकों को अपने पात्र पशुओं का टीकाकरण कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के तहत चल रहे इस अभियान का उद्देश्य गाय, भैंस और अन्य खुर वाले पशुओं को खुरपका-मुंहपका बीमारी से सुरक्षित रखना है। प्रदेश में अब तक 90 लाख से ज्यादा पशुओं को मुफ्त टीका लगाया जा चुका है। बीमारी के कुछ मामले अभी भी सामने आने के कारण सरकार ने Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh अब 15 सितंबर तक

मध्य प्रदेश में Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh को अब 15 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का मुफ्त टीकाकरण कर रही हैं। इसके साथ ही पशुओं की पहचान के लिए UID टैगिंग और पंजीयन का काम भी किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा पात्र पशुओं को टीकाकरण अभियान से जोड़ना जरूरी है। जिन पशुपालकों के पशुओं का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, वे नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क कर सकते हैं। Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh बढ़ने से ऐसे पशुपालकों को अपने पशुओं का टीका लगवाने का एक और अवसर मिल गया है।

4 महीने से अधिक उम्र के पशुओं का हो रहा मुफ्त टीकाकरण

खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान के तहत 4 महीने से अधिक उम्र के गोवंश और भैंसवंशीय पशुओं को मुफ्त टीका लगाया जा रहा है। मंदसौर जिले में भी पात्र पशुओं का टीकाकरण 15 सितंबर तक किया जाएगा। पशुपालकों से अपील की गई है कि वे अपने गांव में सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण जरूर करवाएं। पशुपालकों के लिए Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh जानना इसलिए जरूरी है, ताकि वे निर्धारित समय के भीतर अपने पशुओं को टीका लगवा सकें। टीकाकरण में देरी होने से पशुओं के बीमारी की चपेट में आने का खतरा बढ़ सकता है।

90 लाख से ज्यादा पशुओं को लगाया गया मुफ्त टीका

मध्य प्रदेश में पशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 90 लाख से अधिक पशुओं को खुरपका-मुंहपका का मुफ्त टीका लगाया जा चुका है। वहीं, पशुओं की पहचान और रिकॉर्ड के लिए 2 करोड़ से अधिक UID टैग भी लगाए जा चुके हैं। Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पशुओं को इस अभियान के दायरे में लाना है। सरकार की ओर से लगातार पशुपालकों को टीकाकरण कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

टीकाकरण और UID टैगिंग अभियान पर खर्च हुए 7613 करोड़

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के तहत मध्य प्रदेश सरकार की ओर से टीकाकरण अभियान और पशुओं की UID टैगिंग पर 7613 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में बड़ी संख्या में पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। पशुओं की UID टैगिंग से उनकी पहचान और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। पशुपालकों को Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh के अनुसार समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण करवाने की सलाह दी गई है।

खुरपका-मुंहपका बीमारी कितनी खतरनाक है?

खुरपका-मुंहपका पशुओं में तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। संक्रमित पशु को तेज बुखार, सुस्ती और भूख कम लगने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा मुंह, जीभ और मसूड़ों में पानी से भरे छाले बन जाते हैं। खुरों के बीच भी छाले बनने के कारण पशु को चलने में परेशानी हो सकती है। इस बीमारी के कारण दूध देने वाले पशुओं में दूध उत्पादन अचानक कम हो सकता है। गंभीर स्थिति में पशु की सामान्य कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। ऐसे में Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh का पालन करते हुए समय पर टीकाकरण करवाना पशुपालकों के लिए बेहद जरूरी है।

बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत करें संपर्क

अगर किसी पशु में खुरपका-मुंहपका बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए। संक्रमित पशु के संपर्क में आने से दूसरे पशुओं में भी संक्रमण फैल सकता है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए पशु चिकित्सक को इसकी जानकारी देना जरूरी है। पशुपालकों को Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh के अनुसार अपने पशुओं का टीकाकरण करवाने के साथ बीमारी के लक्षणों पर भी नजर रखनी चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार से बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।

पशुपालकों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1962

पशुओं के टीकाकरण, बीमारी और उपचार से संबंधित जानकारी के लिए पशुपालक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क कर सकते हैं। पशुपालन विभाग की टीमें भी गांव-गांव जाकर पशुओं के टीकाकरण और टैगिंग का काम कर रही हैं। सरकार ने Khurpaka Muhpaka Tikakaran Ki Tarikh बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है, इसलिए जिन पशुओं का टीकाकरण अभी बाकी है, उनके पशुपालकों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। समय पर टीका लगवाने से पशुओं को खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाने में मदद मिल सकती है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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