आंध्र प्रदेश के प्रमुख कृषि क्षेत्र कृष्णा डेल्टा में इस समय सिंचाई का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai, जिससे हजारों किसानों की चिंता बढ़ गई है। नहरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने के कारण हाल ही में रोपी गई धान की फसल सूखने लगी है। इसका सीधा असर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
पर्याप्त पानी छोड़ने के बावजूद नहीं मिल रही राहत
राज्य सरकार ने खरीफ सीजन के लिए 1 जुलाई से कृष्णा डेल्टा की नहरों में सिंचाई का पानी छोड़ना शुरू किया था। अब तक लगभग 13.75 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है। वर्तमान में करीब 5,635 क्यूसेक पानी विभिन्न नहरों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन अंतिम हिस्सों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यही कारण है कि Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai और किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
गोदावरी नदी का पानी भी नहीं कर पा रहा समस्या का समाधान
पट्टीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के जरिए लगभग 4,700 क्यूसेक गोदावरी नदी का पानी कृष्णा डेल्टा में पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद धान की फसल की जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव और अल नीनो के प्रभाव के कारण जल उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसी वजह से Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai और खरीफ सीजन की खेती संकट में आ गई है।
13 लाख एकड़ धान क्षेत्र पर मंडरा रहा खतरा
कृष्णा, गुंटूर और पश्चिम गोदावरी के कुछ हिस्सों में फैला लगभग 13 लाख एकड़ का कृष्णा डेल्टा देश के सबसे बड़े धान उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। लेकिन इस बार पानी की कमी के कारण बड़े स्तर पर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यदि जल्द पर्याप्त सिंचाई नहीं मिली, तो Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai जैसी स्थिति और गंभीर हो सकती है।
किसानों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
कई किसानों ने धान की नर्सरी तैयार करने, खेत की जुताई, उर्वरक, बीज और मजदूरी पर लगभग 10,000 रुपये प्रति एकड़ तक खर्च कर दिया है। अब सिंचाई का पानी नहीं मिलने से उनकी लागत डूबने का खतरा पैदा हो गया है। लगातार Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai, जिससे छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।
खेतिहर मजदूरों पर भी पड़ा असर
धान की रोपाई और निराई-गुड़ाई जैसे कार्यों पर निर्भर हजारों खेतिहर मजदूरों को भी रोजगार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai खेतों में काम कम होने से विशेष रूप से महिला मजदूरों की आय प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती से जुड़ी गतिविधियां धीमी पड़ने लगी हैं।
धान की पत्तियां मुड़ने पर तुरंत करें ये उपाय, 15 दिन में पूरी फसल हो सकती है तबाह
कृषि विभाग ने दी वैकल्पिक फसलों की सलाह
कृषि अधिकारियों ने किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली दलहन फसलें जैसे उड़द और मूंग की खेती अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन क्षेत्रों में सिंचाई की समस्या बनी हुई है, वहां फसल विविधीकरण किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
समय रहते समाधान जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में सिंचाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो Krishna Delta Mein Pani Ki Kami Se Dhan Ki Fasal Sukh Rahi Hai का असर पूरे राज्य के धान उत्पादन पर दिखाई देगा। इससे किसानों की आय, कृषि अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को समय रहते प्रभावी जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
