Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी ने खरीफ फसलों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी की कमी हो गई है। धाराशिव जिले में करीब 80 दिनों से बारिश नहीं होने की स्थिति सामने आई है। ऐसे हालात में Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026 किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गया है।
महाराष्ट्र में बारिश की कमी से बढ़ा फसल संकट
जिला कलेक्टरेट की रिपोर्ट के अनुसार, 12 सितंबर तक धाराशिव जिले के अधिकांश हिस्सों में करीब 80 दिनों से बारिश नहीं हुई। जिले में अब तक 310.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में 603.1 मिलीमीटर बारिश अपेक्षित थी। इस तरह सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 49.49 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बारिश की लंबी कमी के कारण मिट्टी की नमी लगातार घट रही है और खरीफ फसलों पर इसका असर दिखाई देने लगा है। यही स्थिति Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026 की चिंता को बढ़ा रही है।
सोयाबीन की फसल पर सबसे ज्यादा असर
धाराशिव जिले में इस खरीफ सीजन में करीब 5.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की गई है। इसमें लगभग 4.67 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती हुई है। सोयाबीन की फसल इस समय फूल आने, फलियां बनने और दाने भरने जैसे महत्वपूर्ण चरणों में है। इस दौरान पर्याप्त नमी नहीं मिलने से पौधों के विकास और दानों के भराव पर असर पड़ सकता है। कई क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026 के तहत सोयाबीन किसानों की चिंता विशेष रूप से बढ़ गई है।
80 से 85 प्रतिशत तक फसल नुकसान की आशंका
सरकारी रिपोर्ट में मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर धाराशिव जिले में फसल नुकसान 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकलन फसल सर्वे और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। कुछ किसान सूख चुकी सोयाबीन की फसल को खेतों से निकालकर पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे किसानों की फसल आय प्रभावित होने के साथ पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ सकता है। Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026
भूजल स्तर में भी आई बड़ी गिरावट
बारिश की कमी का असर भूजल स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, धाराशिव में औसत भूजल स्तर पिछले पांच वर्षों के औसत की तुलना में 7.02 मीटर नीचे चला गया है। भूजल स्तर में गिरावट से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक बारिश नहीं होने की स्थिति में किसानों के लिए अगली कृषि गतिविधियों की तैयारी भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
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महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे जैसे हालात
कम बारिश के कारण महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे जैसी परिस्थितियों की चिंता सामने आई है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी राज्य के 18 जिलों में कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात बनने की बात कही थी। मराठवाड़ा क्षेत्र में बारिश की कमी और फसलों में नमी का संकट किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इस वजह से Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026 से जुड़ी स्थिति पर किसानों और कृषि क्षेत्र की नजर बनी हुई है।
किसानों की नजर बारिश और सरकारी आकलन पर
बारिश की कमी के कारण प्रभावित किसान अब आगामी बारिश और सरकारी स्तर पर होने वाले फसल नुकसान के आकलन पर नजर रख रहे हैं। फसल नुकसान का वास्तविक स्तर खेतों की स्थिति, बारिश और आधिकारिक सर्वे के बाद अधिक स्पष्ट होगा। Maharashtra Kharif Fasal Nuksan 2026 की स्थिति में किसानों के लिए स्थानीय कृषि विभाग की सलाह और सरकारी अपडेट पर ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा।

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