MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के आंदोलन और ई-विकास पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए उर्वरक वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश में व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत किसानों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खाद उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से सर्वर संबंधी दिक्कतों के बावजूद किसानों को समय पर उर्वरक मिल सकेगा।
किसानों के आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा फैसला
हाल ही में किसान संगठनों और मंत्री समूह के बीच हुई बैठक में किसानों ने ई-विकास पोर्टल पर सर्वर धीमा होने, तकनीकी गड़बड़ियों और उर्वरक वितरण में देरी की शिकायत की थी। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
30 जुलाई 2026 से लागू हुई नई व्यवस्था
सरकार के आदेश के अनुसार 30 जुलाई 2026 से पूरे मध्य प्रदेश में MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था प्रभावी हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी कारणों से किसानों को खाद लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता लगातार बनी रहे।
ई-विकास पोर्टल रहेगा जारी, लेकिन ऑफलाइन बिक्री भी होगी
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-विकास पोर्टल को बंद नहीं किया गया है। जब तक पोर्टल को अधिक सरल और सुचारु बनाने संबंधी समिति की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उर्वरक वितरण किया जाएगा। इससे किसानों को सर्वर डाउन होने की स्थिति में भी खाद मिलने में परेशानी नहीं होगी।
किसानों से कौन-कौन सी जानकारी ली जाएगी
नई व्यवस्था के तहत उर्वरक खरीदने वाले प्रत्येक किसान का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। विक्रेताओं को किसान का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खरीदे गए उर्वरकों की पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। रिकॉर्ड में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी जैसे सभी उर्वरकों की मात्रा का उल्लेख किया जाएगा। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने एक मानक प्रोफार्मा भी जारी किया है। MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था में यह रिकॉर्ड अनिवार्य रहेगा।
पहले ऑफलाइन बिक्री होगी, बाद में पोर्टल पर एंट्री
यदि ई-विकास पोर्टल पर तकनीकी समस्या आती है तो पहले उर्वरक की बिक्री ऑफलाइन दर्ज की जाएगी। इसके बाद उसी रिकॉर्ड को ई-विकास पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह जिम्मेदारी पैक्स, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं की होगी। इस प्रक्रिया से MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
विक्रेताओं को दिए गए नए निर्देश
राज्य सरकार ने सभी सरकारी संस्थाओं, पैक्स, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं ताकि नई व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जा सके। इसके साथ ही खरीफ सीजन के दौरान उर्वरक वितरण की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran के माध्यम से किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा
MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था से किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें सर्वर या तकनीकी खराबी के कारण घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जरूरत पड़ने पर ऑफलाइन माध्यम से तुरंत खाद उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे खेती के जरूरी कार्य समय पर पूरे होंगे और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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विक्रेताओं की बढ़ेगी जिम्मेदारी
हालांकि इस नई व्यवस्था से किसानों को राहत मिलेगी, लेकिन उर्वरक विक्रेताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्हें पहले ऑफलाइन रिकॉर्ड तैयार करना होगा और बाद में उसी जानकारी को ई-विकास पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सरकार का मानना है कि MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था से किसानों और प्रशासन दोनों को दीर्घकाल में लाभ मिलेगा।
खरीफ सीजन में खाद वितरण होगा आसान
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन में उर्वरकों की मांग सबसे अधिक रहती है। ऐसे समय में MP Mein Hybrid Mode Se Khad Vitaran व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इससे यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का वितरण बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा और खेती का काम समय पर पूरा किया जा सकेगा।
