मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। MP Weather Today के अनुसार इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश के कारण भोपाल और गुना में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। भोपाल में कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, जबकि कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। नर्मदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले तीन से चार दिन मध्यप्रदेश के लिए अहम माने जा रहे हैं।
MP Weather Today: 72 घंटे से बारिश का दौर जारी
MP Weather Today मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पिछले 72 घंटे से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है। लगातार बारिश के चलते कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। छोटे पुलों पर पानी आने से कुछ जगहों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इंदौर संभाग के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
MP Weather Today मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पिछले 72 घंटे से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है। लगातार बारिश के चलते कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। छोटे पुलों पर पानी आने से कुछ जगहों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश कुछ स्थानों पर हो सकती है।भारी बारिश के कारण नदी-नालों में तेज बहाव आने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
MP Weather Today भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी
राजधानी भोपाल में लगातार बारिश से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। कई सड़कों पर घंटों तक जलभराव रहा, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां भी पानी में घिर गईं। सुरक्षा को देखते हुए कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों से भरी स्कूली वैन फंसने की घटना भी सामने आई। MP Weather Today में सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए राजधानी के निचले इलाकों में विशेष सावधानी जरूरी है।
भोपाल और गुना में स्कूल बंद
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया। प्रशासन ने बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। स्थानीय स्तर पर बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन आगे भी आवश्यक कदम उठा सकता है। अभिभावकों को स्कूल और जिला प्रशासन की ओर से जारी अपडेट पर ध्यान रखने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकना जरूरी है। तेज बारिश और बिजली गिरने की स्थिति में घर के अंदर रहना अधिक सुरक्षित है। MP Weather Today
नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में 10 फीट बढ़ा
लगातार बारिश का असर नर्मदा नदी के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले 48 घंटे में नर्मदा का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ गया है। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। MP Weather Today के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने पर नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को बढ़ते जलस्तर के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन की ओर से जारी निकासी या सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
राजगढ़ में 9 इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। ब्यावरा में करीब 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहगढ़ में 95 मिमी, पचोर में 93 मिमी और सारंगपुर में 88.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है। आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश हुई। गुना के कुंभराज में 3.7 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच पानी गिरा।
MP Weather Today कई जिलों में तेज हवाओं और बिजली का अलर्ट
MP Weather Today मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने खरगोन, बड़वानी, धार और मंदसौर में अति भारी बारिश के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में भी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। रीवा, सतना, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
इन जिलों में भी भारी बारिश की संभावना
MP Weather Today राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, आगर, नीमच, गुना और श्योपुर में भी भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और पानी वाले स्थानों से दूर रहना जरूरी है। किसानों को भी मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से बचना चाहिए। MP Weather Today के अनुसार बारिश और वज्रपात की स्थिति में किसानों को सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए। खेतों में बिजली के उपकरणों और सिंचाई से जुड़े खुले कनेक्शन से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है।
MP Weather Today पश्चिमी मध्यप्रदेश में ज्यादा सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में 11 से 13 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में 13 से 16 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियां बारिश के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इसके प्रभाव से एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है। इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट के साथ प्रशासन की एडवाइजरी पर भी ध्यान देना चाहिए। MP Weather Today
पिछले 24 घंटे में जमकर बरसे बादल
पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। ब्यावरा में 229 मिमी, खिलचीपुर में 205 मिमी और जीरापुर में 191 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजगढ़ में 112 मिमी और गुलाना में 102 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। नरसिंहगढ़ में 95 मिमी, पचोर में 93 मिमी, कुंभराज में 91 मिमी और सारंगपुर में 88.2 मिमी बारिश हुई। MP Weather Today के अनुसार लगातार बारिश के कारण इन इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने से बचना चाहिए। तेज बहाव में वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो सकता है।
अगले तीन से चार दिन क्यों हैं अहम?
मध्यप्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले तीन से चार दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इंदौर क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। वहीं उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। MP Weather Today के अनुसार 12 और 13 अगस्त को पश्चिमी मध्यप्रदेश में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इसके बाद पूर्वी मध्यप्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।
45 जिलों में बारिश अभी भी सामान्य से कम
लगातार बारिश होने के बावजूद प्रदेश के 45 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 18 प्रतिशत तक कमी बताई गई है। कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में सामान्य से 5 से 46 प्रतिशत तक बारिश कम है। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
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जुलाई का कोटा पूरा, फिर भी मानसून सीजन में 13 प्रतिशत कमी
जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन मानसून में दो बार ब्रेक आने के कारण शुरुआती कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया है, लेकिन पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत पीछे है। मध्यप्रदेश में मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश कुल वर्षा आंकड़ों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। MP Weather Today
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
MP Weather Today लगातार बारिश के बीच किसानों को खेतों में पानी की निकासी का ध्यान रखना चाहिए। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जहां जलभराव की स्थिति है, वहां खेत से पानी निकालने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। बिजली गिरने की संभावना के दौरान खेतों में काम करने से बचें। तेज हवा के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहें। पशुओं को भी खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगह पर रखें।
MP Weather Today: आगे कैसा रहेगा मौसम?
मध्यप्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद पूर्वी हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है।नदियों का बढ़ता जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में MP Weather Today की ताजा स्थिति पर नजर रखने के साथ लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
