मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। MP Weather Today के अनुसार मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को श्योपुर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी, जिससे प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
MP Weather Today: प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून
MP Weather Today की ताजा रिपोर्ट बताती है कि जून के अंतिम सप्ताह में मानसून की एंट्री के बाद शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन कुछ समय तक बारिश कमजोर पड़ने से प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे चला गया। अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में तेज बारिश देखने को मिलेगी।
6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
MP Weather Today के अनुसार श्योपुर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
50 से अधिक जिलों में बारिश का अनुमान
भारी बारिश वाले जिलों के अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। MP Weather Today के अनुसार इन जिलों में बीच-बीच में गरज-चमक और तेज हवा भी चल सकती है।
अभी भी सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश
MP Weather Today के मुताबिक 24 जून से अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 325.1 मिमी यानी 12.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 359.6 मिमी यानी 14.1 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। इसका मतलब है कि प्रदेश में अभी भी लगभग 10 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। हालांकि अच्छी बात यह है कि कुछ दिन पहले तक यह कमी 17 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि जुलाई के अंतिम सप्ताह में अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो यह अंतर और कम हो सकता है।
कई जिलों में अब भी कम वर्षा दर्ज
MP Weather Today के अनुसार प्रदेश के 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, धार, बैतूल, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, जबलपुर, कटनी, डिंडौरी और बालाघाट जैसे जिलों में वर्षा सामान्य से कम बनी हुई है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, देवास, हरदा, राजगढ़, खंडवा, खरगोन, नीमच, भिंड, बुरहानपुर और निवाड़ी जैसे जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
देवास में सबसे ज्यादा और आलीराजपुर में सबसे कम बारिश
प्रदेश में अब तक सबसे अधिक बारिश देवास जिले में दर्ज की गई है, जहां लगभग 18.5 इंच वर्षा हो चुकी है। यह सामान्य से करीब 49 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा बालाघाट, सीहोर, सिवनी, भोपाल, हरदा, दमोह और डिंडौरी में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। वहीं आलीराजपुर में अब तक केवल ढाई इंच बारिश हुई है, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम मानी जा रही है। MP Weather Today के अनुसार आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में भी बारिश बढ़ने की संभावना है।
मौसम में बदलाव क्यों आया?
MP Weather Today की रिपोर्ट के अनुसार इस समय कई मानसूनी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ राजस्थान के कोटा और जैसलमेर से होते हुए मध्य प्रदेश के दमोह और गुना के रास्ते पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। इसके साथ सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगातार नमी पहुंचा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यही कारण है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
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किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
MP Weather Today को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे तेज बारिश और बिजली गिरने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव बारिश रुकने के बाद ही करें ताकि उनका पूरा लाभ मिल सके। जिन खेतों में जलभराव की संभावना है, वहां पानी निकालने की व्यवस्था पहले से कर लें। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को खुले मैदान या पेड़ों के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित शेड में रखने की सलाह दी गई है। पशुओं के लिए स्वच्छ पानी और सूखे चारे की व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी बताया गया है।
जुलाई का अंतिम सप्ताह रहेगा महत्वपूर्ण
MP Weather Today के अनुसार जुलाई का अंतिम सप्ताह पूरे मानसून सीजन के लिए काफी अहम माना जा रहा है। प्रदेश की सामान्य मानसूनी वर्षा का बड़ा हिस्सा जुलाई महीने में ही होता है। यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश जारी रहती है तो न केवल प्रदेश में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी, बल्कि खरीफ फसलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। मौसम विभाग ने लोगों से लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।
