Pashuo Par Luu Ka Khatra भारत के कई क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के साथ ही, लू की लहरें पशुधन के स्वास्थ्य, उत्पादकता और कल्याण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के कारण पशुओं में लू (हीट स्ट्रोक) का खतरा काफी बढ़ जाता है, जो उनकी सेहत और उत्पादन दोनों को प्रभावित करता है. अगर समय पर इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए और पशुओं को छाया, ठंडा पानी और सही देखभाल दी जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे गर्मी में अपने पशुधन की खास देखभाल करें. Pashuo Par Luu Ka Khatra

Pashuo Par Luu Ka Khatra
गर्मियों का मौसम इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. खासकर जब तापमान लगातार बढ़ता है, तो पशुओं में लू (हीट स्ट्रोक) लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (बिहार) के अनुसार, अगर समय रहते इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है, क्योंकि पशुधन उनकी आय का अहम स्रोत होता है. Pashuo Par Luu Ka Khatra
क्या है पशुओं में लू लगना?
लू लगना एक ऐसी स्थिति है, जब अत्यधिक गर्मी के कारण पशु का शरीर तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता. इससे पशु की तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ने लगती है और वह सुस्त हो जाता है, खाना-पीना कम कर देता है. कई बार हालत इतनी खराब हो सकती है कि जान का खतरा भी बन जाता है. यह समस्या खासकर गाय, भैंस और अन्य पालतू पशुओं में गर्मियों के दौरान ज्यादा देखने को मिलती है Pashuo Par Luu Ka Khatra
पशुओं में लू लगने के प्रमुख लक्षण
गर्मी के मौसम में यदि पशु में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना चाहिए:
- तेज बुखार: पशु का शरीर सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस होता है, जो लू लगने का पहला संकेत हो सकता है.
- मुंह खोलकर तेज सांस लेना: पशु हांफने लगता है और तेजी से सांस लेने लगता है, जिससे उसे राहत मिले.
- मुंह से लार टपकना: लगातार लार गिरना भी हीट स्ट्रेस का संकेत है.
- कमजोरी और सुस्ती: पशु का सक्रियता स्तर कम हो जाता है और वह ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रह पाता.
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
क्यों बढ़ता है लू का खतरा?
गर्मी में तापमान के साथ-साथ उमस भी बढ़ जाती है, जिससे पशुओं के शरीर में हीट जमा होने लगती है. यदि पशुओं को पर्याप्त छाया, पानी और ठंडा वातावरण नहीं मिलता, तो उनका शरीर जल्दी प्रभावित हो जाता है. खासकर खुले में बंधे या बिना शेड के रखे पशुओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है. Pashuo Par Luu Ka Khatra
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पशु को लू और गर्मी से बचाने के लिए क्या करें उपाय
पशु के लू लगने पर उसे बचाने के लिए हमें कुछ सावधानियां रखनी चाहिए जो इस प्रकार से हैं-
- पशु आवास में स्वच्छ वायु जाने एवं दूषित वायु बाहर निकलने के लिये रोशनदान होना चाहिए।
- गर्म दिनों में पशु को दिन में नहलाना चाहिए विशेषकर भैंसों को ठंडे पानी से नहलाना चाहिए।
- गर्मियों के दिनों में पशु को ठंडा पानी पर्याप्त पिलाना चाहिए।
- संकर नस्ल के पशु जिनको अधिक गर्मी सहन नहीं होती है उनके आवास में पंखे या कूलर लगाना चाहिए।
- पशुओं का चराई के लिए सुबह जल्दी और शाम को देर से भेजना चाहिए।
गर्मियों में पशुओं के आहार में करें बदलाव
गर्मियों के मौसम में पशु के आहार में परिवर्तन करना भी जरूरी है, क्योंकि इन दिनों पशुओं को कम आहार और अधिक पानी की आवश्यकता होती है। गर्मी के मौसम में पशुओं को सूखे चारे की जगह हरे चारे की अधिक मात्रा अधिक देनी चाहिए। हरे चारे के दो लाभ हैं, एक पशु अधिक चाव से स्वादिष्ट एवं पौष्टिक चारा खाता है। दूसरा हरे चारे में 70-90 प्रतिशत तक पानी की मात्रा होती है, जो समय-समय पर पशु के शरीर में जल की पूर्ति करता है। Pashuo Par Luu Ka Khatra
देखा गया है कि प्राय: गर्मी में मौसम में हरे चारे का अभाव रहता है। इसलिए पशुपालक को चाहिए कि गर्मी के मौसम में हरे चारे के लिए मार्च, अप्रैल माह में मूंग, मक्क, काऊपी, बरबटी आदि की बुवाई करें जिससे गर्मी के मौसम में पशुओं को हरा चारा उपलब्ध हो सके। ऐसे पशुपालन जिनके पास सिंचित भूमि नहीं है, उन्हें समय से पहले हरी घास काटकर एवं सुखाकर तैयार कर लेना चाहिए। यह घास प्रोटीन युक्त, हल्की व पौष्टिक होती है। Pashuo Par Luu Ka Khatra

पशुओं को लू लगने पर क्या करें उपचार
यदि पशु को लू लग गई है तो इसके लिए आप ये उपाय कर सकते हैं जिससे पशु को राहत मिलेगी। यह उपाय बिहार पशुपालन विभाग की ओर से साझा किये गए हैं
- पशु को लू लगने पर उसे पानी से भरे गड्ढे में रखकर, उस पर ठंडे पानी का छिडक़ाव करना चाहिए।
- पशु के शरीर पर बर्फ या ऐल्कोहॉल को रगडऩा चाहिए। इससे पशु को राहत मिलेगी।
- पशु को प्याज और पुदीने से बना अर्क पिलाना चाहिए।
- पशु को ठंडे पानी में चीनी, भुने हुए जौ और नमक का मिश्रण पिलाना चाहिए। इससे भी लू से बचाव होता है।
- यदि इन उपयों के बाद भी पशु को आराम नहीं मिलता है तो उसे नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करके उचित उपचार करना चाहिए।
