PM Dhan Dhanya Krishi Yojana के तहत देश के 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मानकों में तेजी से सुधार देखने को मिला है। योजना लागू होने के बाद कृषि उत्पादकता, फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती, सिंचाई, कृषि ऋण और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव दर्ज किए गए हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक, इन जिलों के प्रदर्शन में सिर्फ तीन महीने के भीतर उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इन 100 जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 में 22.54 था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 38.85 हो गया। इस तरह तीन महीने की अवधि में औसत स्कोर में 16.31 अंकों का सुधार दर्ज किया गया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सुधार को अच्छा संकेत बताया है।
क्या है PM Dhan Dhanya Krishi Yojana?
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana केंद्र सरकार की कृषि विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य देश के उन 100 जिलों में कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है, जहां कृषि उत्पादकता, फसल सघनता और कृषि ऋण की उपलब्धता जैसे क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2025 में इस योजना को मंजूरी दी थी और अक्टूबर 2025 में इसे आधिकारिक रूप से शुरू किया गया। योजना को 11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं, राज्य सरकार की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी के तालमेल से लागू किया जा रहा है।
100 जिलों के औसत स्कोर में 16.31 अंकों का सुधार
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, योजना के छह प्रमुख उद्देश्यों के आधार पर 100 जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है। अप्रैल 2026 में इन जिलों का औसत स्कोर 22.54 था, जो जुलाई तक बढ़कर 38.85 पहुंच गया। इसमें कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना, फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना, सिंचाई व्यवस्था मजबूत करना, कृषि ऋण तक पहुंच बेहतर बनाना और गवर्नेंस एवं सर्विस डिलीवरी में सुधार करना शामिल है। PM Dhan Dhanya Krishi Yojana
कृषि उत्पादकता का स्कोर 2.53 से बढ़कर 6.70
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana के तहत कृषि उत्पादकता के क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। अप्रैल 2026 में कृषि उत्पादकता का औसत स्कोर 2.53 था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 6.70 हो गया। तीन महीने में स्कोर में हुई यह बढ़ोतरी बताती है कि योजना के तहत कम प्रदर्शन वाले जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर किए जा रहे प्रयासों का असर दिखाई देने लगा है। सरकार इन जिलों में बेहतर कृषि तकनीक, संसाधन और सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दे रही है। PM Dhan Dhanya Krishi Yojana
फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती का स्कोर बढ़ा
फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के पैरामीटर में भी सुधार दर्ज किया गया है। अप्रैल में इसका औसत स्कोर 5.60 था, जो जुलाई में बढ़कर 8.65 हो गया। इस पहल के तहत किसानों को बेहतर फसल विकल्प अपनाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेती में जोखिम कम करने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। PM Dhan Dhanya Krishi Yojana
सिंचाई और भंडारण सुविधाओं में भी सुधार
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana में सिंचाई और फसल कटाई के बाद भंडारण व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। अप्रैल 2026 में फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता का स्कोर 2.61 था, जो जुलाई में बढ़कर 3.82 हो गया। इसी तरह सिंचाई के बुनियादी ढांचे का स्कोर 1.65 से बढ़कर 4.20 पहुंच गया। सिंचाई सुविधाओं में सुधार किसानों के लिए फसल उत्पादन के दौरान पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद कर सकता है। वहीं, भंडारण सुविधाओं के विस्तार से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में सहायता मिल सकती है।
किसानों की कृषि ऋण तक पहुंच हुई बेहतर
खेती के लिए किसानों को समय पर ऋण मिलना भी कृषि विकास का अहम हिस्सा है। योजना के तहत कृषि ऋण तक पहुंच के पैरामीटर में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 में कृषि ऋण तक पहुंच का औसत स्कोर 2.81 था, जो जुलाई में बढ़कर 5.59 हो गया। इससे किसानों के लिए कृषि गतिविधियों से जुड़ी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सुधार के संकेत मिलते हैं। PM Dhan Dhanya Krishi Yojana
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गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी का स्कोर बढ़ा
कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक सही समय पर पहुंचाने के लिए बेहतर गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी जरूरी है। इस पैरामीटर का औसत स्कोर अप्रैल में 7.94 था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 10.33 हो गया। सरकार अब योजनाओं के खर्च और गतिविधियों के साथ-साथ उनके वास्तविक परिणामों पर भी ध्यान दे रही है। PM-DDKY डैशबोर्ड के जरिए हर महीने आउटपुट इंडिकेटर्स के आधार पर जिलों के प्रदर्शन की निगरानी की जा रही है।
करीब 7 लाख किसानों और एक्सटेंशन वर्करों को ट्रेनिंग
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच कुल 6,90,530 किसानों और 88,961 एक्सटेंशन वर्करों को अलग-अलग कृषि कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा इसी अवधि में 2,20,683 किसानों और एक्सटेंशन वर्करों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी गई। किसानों को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर खेती के तरीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी देना है। सरकार का फोकस अब केवल योजनाओं को लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ को भी मापने पर है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए निगरानी के निर्देश
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने PM Dhan Dhanya Krishi Yojana की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पिछड़े जिलों में तेजी से कृषि सुधार दिखाई देना अच्छे संकेत हैं। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को योजना के तहत शामिल जिलों में सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी प्रमुख पैरामीटर्स के आधार पर जिलों की कृषि जरूरतों को समझकर किसानों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
