पंजाब सरकार ने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru कर दिया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना रूपनगर (रोपड़) जिले के नूरपुर बेदी ब्लॉक में शुरू की गई है। इस योजना के तहत 102 गांवों तक चरणबद्ध तरीके से सतलुज नदी का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे हजारों किसानों को खेती के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने के बाद राज्य में कृषि विकास और जल संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
650 करोड़ रुपये की परियोजना का हुआ शुभारंभ
जल संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गांव छज्जा से Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने की आधिकारिक शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से सिंचाई सुविधा से वंचित किसानों के लिए राहत लेकर आई है। सरकार ने कई तकनीकी विकल्पों का अध्ययन करने के बाद सतलुज नदी आधारित लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम को सबसे प्रभावी और टिकाऊ समाधान माना।मंत्री के अनुसार, यह योजना केवल खेतों तक पानी पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
102 गांवों तक पहुंचेगा सतलुज नदी का पानी
Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने के बाद नूरपुर बेदी ब्लॉक के 102 गांवों को चरणबद्ध तरीके से इस सिंचाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर पर्याप्त सिंचाई का पानी मिले ताकि फसल उत्पादन में वृद्धि हो और बारिश पर निर्भरता कम हो सके।इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से उन क्षेत्रों को भी सिंचाई सुविधा मिलेगी जहां अब तक पानी की कमी के कारण खेती प्रभावित होती रही है।
गांवों के समूह बनाकर तैयार होगी सिंचाई व्यवस्था
परियोजना के तहत 8 से 14 गांवों के समूह बनाए जाएंगे। प्रत्येक समूह के लिए अलग-अलग लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि किसानों की आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने के साथ ही मौसमी नालों और स्वान नदी पर कई चेक डैम भी बनाए जाएंगे।इन चेक डैम में वर्षा जल का संग्रह किया जाएगा और गुरुत्वाकर्षण आधारित प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और भविष्य में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।
भूजल संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण पर रहेगा विशेष फोकस
Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसानों की भूजल पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी। वर्तमान समय में पंजाब के कई क्षेत्रों में लगातार भूजल स्तर गिर रहा है। इस परियोजना के माध्यम से सतही जल का अधिक उपयोग किया जाएगा, जिससे भूजल का संरक्षण संभव होगा।इसके अलावा स्वान नदी के बहाव को व्यवस्थित करने और चेक डैम निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा भी कम होगा। बारिश के पानी का संग्रह होने से जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
पहले चरण में 9 गांवों की 2,785 एकड़ भूमि को मिलेगा लाभ
Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने के पहले चरण में 9 गांवों की लगभग 2,785 एकड़ कृषि भूमि को लिफ्ट इरिगेशन सुविधा से जोड़ा गया है। इस चरण की सफलता के बाद परियोजना का विस्तार बाकी गांवों तक किया जाएगा।सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले चरणों में सभी 102 गांवों को इस योजना का लाभ मिले और पूरे नूरपुर बेदी क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था आधुनिक और मजबूत बन सके।
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किसानों को क्या-क्या होंगे बड़े फायदे?
Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने से किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। खेतों तक नियमित पानी पहुंचने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होगा। सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भरता कम होगी, जिससे बिजली और डीजल की लागत में भी कमी आएगी।जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने से भविष्य में पानी की उपलब्धता बेहतर होगी। इसके साथ ही किसानों को मौसम की अनिश्चितता का कम सामना करना पड़ेगा और अधिक क्षेत्र में खेती करना संभव होगा।
पंजाब की कृषि को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होना पंजाब की कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना आधुनिक सिंचाई प्रणाली, जल संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगी। यदि परियोजना समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में हजारों किसान इसका सीधा लाभ उठाएंगे और राज्य के कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।Punjab Me 650 Crore Ka Lift Irrigation Project Shuru होने से न केवल 102 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, भूजल संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी यह परियोजना एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।
