सरकार ने प्याज खरीद रेट ₹2,335 प्रति क्विंटल किया, किसानों को बड़ी राहत Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla

सरकार ने प्याज खरीद रेट ₹2,335 प्रति क्विंटल किया, किसानों को बड़ी राहत  Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla

केंद्र सरकार ने Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla लेते हुए बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत एक बार फिर बढ़ा दी है। इस सीजन में यह छठी बार है जब सरकार ने न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) में बढ़ोतरी की है। अब किसानों को ग्रेड-A प्याज के लिए 2,335 रुपये प्रति क्विंटल का सरकारी भाव मिलेगा। नई दर 30 जुलाई से लागू हो चुकी है। इस फैसले का उद्देश्य किसानों को बेहतर कीमत देना और आगामी महीनों के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक तैयार करना है।

Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla क्या है?

Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla के तहत केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीद की कीमत बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल (23.35 रुपये प्रति किलोग्राम) कर दी है। यह निर्णय तब लिया गया जब सरकारी खरीद तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रही थी। सरकार चाहती है कि सप्लाई कम होने वाले समय से पहले पर्याप्त प्याज का स्टॉक तैयार कर लिया जाए।

अब केवल ग्रेड-A प्याज ही खरीदा जाएगा

Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla के साथ सरकार ने खरीद के नियम भी बदल दिए हैं। अब ग्रेड-URS प्याज की खरीद बंद कर दी गई है। 30 जुलाई से केवल ग्रेड-A गुणवत्ता वाले प्याज ही सरकारी खरीद के लिए पात्र होंगे। प्याज का आकार लगभग 45 मिमी से 65 मिमी के बीच होना आवश्यक होगा।

3 लाख टन खरीद का लक्ष्य, लेकिन अभी काफी दूरी

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख टन प्याज बफर स्टॉक में खरीदने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अब तक केवल करीब 1.05 लाख टन प्याज की खरीद हो पाई है। माना जा रहा है कि खरीद की अंतिम तारीख 15 अगस्त तक बढ़ाई जा सकती है ताकि लक्ष्य को पूरा किया जा सके। यही कारण है कि Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla किसानों और व्यापारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

सरकार बफर स्टॉक क्यों बढ़ा रही है?

बफर स्टॉक प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड (Price Stabilization Fund) के तहत तैयार किया जाता है। जब सितंबर से नवंबर के बीच प्याज की आपूर्ति कम हो जाती है और बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं, तब सरकार इसी स्टॉक से प्याज जारी कर कीमतों को नियंत्रित करती है। Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं और किसानों दोनों के हितों की रक्षा करना है।

बाजार में लगातार बढ़ रही हैं प्याज की कीमतें

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 29 जुलाई को देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत 35 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। यह पिछले महीने की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत और पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं थोक बाजार में प्याज का औसत भाव 2,760 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।

NAFED और NCCF तेजी से कर रहे हैं खरीद

Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla लागू होने के बाद सरकारी एजेंसियां NAFED और NCCF किसानों से सीधे प्याज खरीद रही हैं। खरीद प्रक्रिया को तेज करने के लिए नासिक जिले में NCCF के 27 खरीद केंद्र और NAFED के 30 खरीद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में खरीद में और तेजी लाई जाएगी।

सरकार ने उपलब्धता को लेकर क्या कहा?

सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में फिलहाल प्याज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में कीमतों में आई तेजी का मुख्य कारण वास्तविक कमी नहीं बल्कि कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश के कारण हुई सट्टेबाजी और बाजार की गतिविधियां हैं। ऐसे में Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla भविष्य में कीमतों को नियंत्रित रखने में मददगार साबित हो सकता है।

उत्पादन में नहीं आई बड़ी गिरावट

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश का प्याज उत्पादन लगभग 30.7 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष उत्पादन 30.8 मिलियन टन था। यानी उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है।

किसानों ने जताई चिंता

हालांकि Pyaj Kharid Par Sarkar Ka Bada Faisla के तहत खरीद मूल्य बढ़ाया गया है, लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि प्याज उत्पादन की लागत 2,000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा स्टोरेज में लगभग 30 प्रतिशत तक नुकसान होने से किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों का यह भी कहना है कि केवल ग्रेड-A प्याज की खरीद से बड़ी मात्रा में उत्पादन सरकारी खरीद से बाहर रह जाएगा।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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