Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan: घर की छत, बालकनी, आंगन या गार्डन में सब्जियां उगाने का चलन लगातार बढ़ रहा है। कई लोग घर पर ही लौकी, तोरई, खीरा, कद्दू, बैंगन और मिर्च जैसी सब्जियों की खेती कर रहे हैं। लेकिन कई बार पौधों में फूल आने और छोटी सब्जी बनने के बाद उसका विकास रुक जाता है। सब्जी छोटी ही रह जाती है और कुछ समय बाद सड़ने लगती है। ऐसे में Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan समझना बेहद जरूरी है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान यानी पूसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जोगेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, फल और सब्जियों के अच्छे विकास में परागण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खासकर घर की छत, बालकनी और छोटे गार्डन में सही परागण नहीं होने के कारण फल या सब्जी का विकास प्रभावित हो सकता है।
Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan क्या है?
पौधे पर फूल आने के बाद उसके नीचे छोटी फल जैसी संरचना दिखाई देने लगती है। कई बार यह छोटी सब्जी कुछ समय तक पौधे पर लगी रहती है, लेकिन उसका आकार आगे नहीं बढ़ता। बाद में वह पीली पड़ने लगती है और सड़ सकती है। Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan कई चीजें हो सकती हैं, लेकिन फूलों में सही परागण न होना इसका एक महत्वपूर्ण कारण है। अगर फूल का सही तरीके से परागण नहीं होता है तो फल के विकास की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि केवल फूल आना पर्याप्त नहीं है, बल्कि फूलों में सफल परागण होना भी जरूरी है।
सब्जियों में परागण क्यों जरूरी है?
परागण वह प्रक्रिया है जिसमें फूल के नर भाग से परागकण मादा भाग तक पहुंचते हैं। इसके बाद निषेचन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है और फल तथा बीज का विकास शुरू होता है। इसलिए पौधे में अच्छी गुणवत्ता और उचित आकार का फल पाने के लिए परागण महत्वपूर्ण माना जाता है। मधुमक्खियां प्राकृतिक परागण में बड़ी भूमिका निभाती हैं। जब मधुमक्खियां फूलों पर बैठती हैं और उनका रस लेती हैं तो उनके शरीर पर लगे परागकण दूसरे फूलों तक पहुंच सकते हैं। खीरा, लौकी, तोरई, कद्दू, तरबूज और खरबूजा जैसी फसलों में परागण विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है।
घर की बालकनी में सब्जियां छोटी क्यों रह जाती हैं?
खुले खेतों में मधुमक्खियां और दूसरे परागण करने वाले कीट आसानी से फूलों तक पहुंच सकते हैं। लेकिन घर की छत, बालकनी या बंद गार्डन में इनकी आवाजाही कम हो सकती है। इसके कारण फूलों का प्राकृतिक परागण पर्याप्त रूप से नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में छोटी सब्जी बनने के बाद उसका विकास रुक सकता है। इसलिए Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan तलाशते समय यह देखना जरूरी है कि पौधे के फूलों में सही तरीके से परागण हो रहा है या नहीं।
लौकी, तोरई और कद्दू में हाथ से परागण कैसे करें?
लौकी, तोरई और कद्दू जैसी फसलों में नर और मादा फूल अलग-अलग होते हैं। नर फूल के नीचे सामान्य तौर पर लंबा और पतला डंठल दिखाई देता है, जबकि मादा फूल के नीचे छोटी फल जैसी संरचना होती है। सुबह के समय नर फूल के अंदर मौजूद परागकणों को छोटे मुलायम ब्रश या कॉटन बड की मदद से लिया जा सकता है। इसके बाद इन परागकणों को मादा फूल के बीच वाले हिस्से पर हल्के हाथ से लगाया जाता है। इस तरह प्राकृतिक परागण की कमी होने पर हाथ से परागण करने में मदद मिल सकती है। Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan
खीरे में परागण का क्या महत्व है?
खीरे की फसल में भी सही परागण महत्वपूर्ण है। अगर पौधे पर फूल तो आ रहे हैं लेकिन मधुमक्खियां या दूसरे परागण करने वाले कीट नहीं पहुंच रहे हैं तो हाथ से परागण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। सुबह के समय नर फूल से परागकण लेकर मादा फूल के अंदर हल्के हाथ से लगाने से परागण में मदद मिल सकती है। अगर खीरे छोटे बनकर रुक रहे हैं तो Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan में परागण की कमी को भी ध्यान में रखना चाहिए। Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan
ये भी देखे: रबी फसलों पर अल नीनो का असर, बुवाई और खाद की मांग पर चिंता
बैंगन और मिर्च में परागण कैसे करें?
बैंगन और मिर्च में फूलों को हल्के से हिलाने से परागकणों के स्थानांतरण में मदद मिल सकती है। सुबह के समय पौधे को बहुत हल्के हाथ से हिलाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर मुलायम ब्रश से फूल के अंदर हल्का स्पर्श भी किया जा सकता है। फूलों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। साथ ही पौधे को पर्याप्त धूप, पानी और पोषक तत्व मिलना भी जरूरी है।
बालकनी में मधुमक्खियों को कैसे आकर्षित करें?
अगर घर की बालकनी या छत पर सब्जियां उगाई जा रही हैं तो आसपास फूल वाले पौधे लगाए जा सकते हैं। गेंदा, तुलसी, सूरजमुखी और जीनिया जैसे पौधे मधुमक्खियों और दूसरे परागण करने वाले कीटों को आकर्षित करने में मदद कर सकते हैं। जब आसपास फूल उपलब्ध होते हैं तो परागण करने वाले कीटों की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे सब्जियों के फूलों में प्राकृतिक परागण की संभावना भी बढ़ती है और Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan बनने वाली परागण संबंधी समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
फूल आने के समय कीटनाशकों से रहें सावधान
पौधों में फूल आने के समय अनावश्यक कीटनाशकों का इस्तेमाल परागण करने वाले कीटों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए कीटनाशकों का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार और उचित कृषि सलाह के आधार पर ही करना चाहिए। अगर आपकी सब्जियां छोटी बनकर रुक रही हैं और बाद में खराब हो रही हैं तो केवल पानी या खाद की मात्रा बढ़ाने के बजाय फूलों के परागण पर भी ध्यान दें। Sabjiyan Chhoti Rahkar Sadne Ka Karan समझकर सही समय पर परागण की व्यवस्था करने से पौधों में फल और सब्जियों के विकास को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

1 Comment