Suresh Devangan Success Story: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के सुरेश देवांगन ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता से सफलता की नई मिसाल पेश की है। कभी गांव-गांव जाकर किसानों को किराये पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने वाले सुरेश आज ‘किसान मितान एग्रो’ के जरिए करीब 7 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रहे हैं। Suresh Devangan Success Story उन युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा है, जो कम संसाधनों में अपना व्यवसाय शुरू करके आगे बढ़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत मिले ऋण और सब्सिडी ने भी उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Suresh Devangan Success Story: गांव-गांव कृषि उपकरण किराये पर देकर की शुरुआत
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बड़ेबेंद्री गांव के निवासी सुरेश देवांगन एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं को समझते हुए अपने व्यवसाय की शुरुआत की। उन्होंने देखा कि कई किसानों को खेती के लिए जरूरी आधुनिक कृषि मशीनें आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती थीं।
इस जरूरत को पहचानकर उन्होंने थ्रेशर मशीनों को गांव-गांव ले जाकर किसानों को किराये पर देना शुरू किया। शुरुआत में उनका कारोबार छोटे स्तर पर था, लेकिन किसानों की जरूरतों को पूरा करने और लगातार मेहनत करने से उनकी पहचान बढ़ने लगी। Suresh Devangan Success Story बताती है कि स्थानीय जरूरत को पहचानना एक सफल व्यवसाय की शुरुआत बन सकता है।
कृषि उपकरणों की डीलरशिप से बढ़ाया कारोबार
किराये पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के बाद सुरेश देवांगन ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने थ्रेशर और रोटावेटर की डीलरशिप लेने की दिशा में कदम बढ़ाया। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध कराने के उनके काम का विस्तार हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने किसानों की मांग के अनुसार कृषि उपकरणों की बिक्री शुरू की। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मशीनों की जरूरत को समझते हुए उन्होंने अपने व्यवसाय को मजबूत बनाया। उनके इसी प्रयास ने आगे चलकर निर्माण इकाई स्थापित करने का रास्ता तैयार किया।
दूसरे राज्यों से ट्रॉली मंगाने में आती थी परेशानी
कारोबार बढ़ने के साथ सुरेश ने दूसरे राज्यों और जिलों से कृषि ट्रॉलियां मंगाकर बेचना शुरू किया। हालांकि, बाहर से ट्रॉलियां मंगाने पर समय पर डिलीवरी नहीं मिलना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया। इससे ग्राहकों को इंतजार करना पड़ता था और कारोबार के विस्तार में भी परेशानी आती थी।
इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने अपने क्षेत्र में ही कृषि उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि ट्रॉलियां उपलब्ध कराना और बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता कम करना था। Suresh Devangan Success Story का यह पड़ाव दिखाता है कि व्यवसाय में आने वाली समस्याएं नए अवसर भी पैदा कर सकती हैं।
PMEGP योजना से मिला 50 लाख रुपये का ऋण
निर्माण इकाई शुरू करने के लिए सुरेश देवांगन ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कोंडागांव से संपर्क किया। यहां उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन मिला। योजना के अंतर्गत उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा से 50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इसके अलावा, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से उन्हें 12.50 लाख रुपये की सब्सिडी भी स्वीकृत हुई। Suresh Devangan Success Story
इस वित्तीय सहायता से उन्हें अपना उद्योग स्थापित करने में मदद मिली। इसके बाद उन्होंने रायपुर नाका, कोंडागांव के पास ‘किसान मितान एग्रो’ नाम से कृषि उपकरण निर्माण इकाई शुरू की। यहां कृषि ट्रॉलियों के साथ विभिन्न प्रकार की कृषि मशीनों और उपकरणों का निर्माण किया जाने लगा।
20 लाख रुपये से 7 करोड़ रुपये तक पहुंचा कारोबार
सुरेश देवांगन ने अपने कारोबार में उत्पादों की गुणवत्ता और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दी। स्थानीय स्तर पर कृषि उपकरण उपलब्ध होने से किसानों को भी सुविधा मिली। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी और व्यवसाय का विस्तार हुआ। जानकारी के अनुसार, लगभग 20 लाख रुपये से शुरू हुआ उनका कारोबार आज करीब 7 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर तक पहुंच गया है। Suresh Devangan Success Story इस बात का उदाहरण है कि सही व्यावसायिक सोच, मेहनत और बाजार की मांग को समझकर छोटे स्तर से भी बड़ा उद्योग खड़ा किया जा सकता है।
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किसान मितान एग्रो में 25 लोगों को मिला रोजगार
सुरेश देवांगन की सफलता का लाभ केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। उनकी निर्माण इकाई में वर्तमान में 25 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम करने का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही कोंडागांव और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को कृषि ट्रॉलियां और अन्य कृषि उपकरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे किसानों को दूसरे जिलों या राज्यों से उपकरण मंगाने की जरूरत कम हो सकती है और समय व परिवहन खर्च बचाने में मदद मिल सकती है। Suresh Devangan Success Story
सरकारी योजना से मिला व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने सुरेश देवांगन को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। ऋण और सब्सिडी की मदद से उन्होंने कृषि उपकरण निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। Suresh Devangan Success Story यह भी बताती है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और सही मार्गदर्शन उद्यमियों को अपना कारोबार शुरू करने में मदद कर सकते हैं।
युवाओं और किसानों के लिए क्या है सीख?
सुरेश देवांगन का सफर उन युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणादायक है, जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने किसानों की समस्या को पहचाना, छोटे स्तर पर काम शुरू किया और अनुभव के साथ अपने कारोबार का विस्तार किया। Suresh Devangan Success Story
उनकी कहानी से सीख मिलती है कि व्यवसाय शुरू करने के लिए केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि बाजार की समझ, ग्राहकों का भरोसा और लगातार मेहनत भी जरूरी है। कृषि क्षेत्र में मशीनों और उपकरणों की बढ़ती जरूरत ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। Suresh Devangan Success Story इस बात की मिसाल है कि गांव से शुरू हुआ एक छोटा व्यवसाय भी सही योजना, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से बड़े उद्यम में बदल सकता है।

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