UP Dairy Subsidy Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में गाय पालन और डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे किसानों और पशुपालकों के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। राज्य में देसी गायों के संरक्षण और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग योजनाएं संचालित की जा रही हैं। UP Dairy Subsidy Yojana 2026 के तहत किसान दो देसी गायों से लेकर 25 गायों तक की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।
मुख्यमंत्री देसी गो संवर्धन योजना के तहत दो गायों की डेयरी स्थापित करने पर करीब 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। वहीं, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 10 गायों की इकाई पर 11.80 लाख रुपये और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 25 गायों की डेयरी पर 31.25 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है। आइए जानते हैं इन योजनाओं की पूरी जानकारी, पात्रता और जरूरी शर्तें।
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 में कितनी मिलेगी सब्सिडी?
उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्तर पर डेयरी इकाइयां स्थापित करने में सहायता दे रही है। UP Dairy Subsidy Yojana 2026 के तहत मिलने वाली अनुदान राशि डेयरी इकाई के आकार और संबंधित योजना पर निर्भर करती है। छोटे पशुपालक दो गायों से डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जबकि बड़े किसान 10 या 25 गायों की इकाई स्थापित करने के लिए संबंधित योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के साथ देसी गायों की नस्लों को संरक्षित करना भी है।
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में दो गायों पर 80 हजार रुपये
छोटे किसानों और पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना शुरू की गई है। इसके तहत गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर नस्ल की दो गायों की इकाई स्थापित करने पर अधिकतम 80 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। इस योजना में परियोजना की कुल लागत 2 लाख रुपये निर्धारित है और लागत का 40 प्रतिशत अनुदान मिलता है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार ब्याई हुई होनी चाहिए। पशुओं का बीमा और पहचान के लिए ईयर टैगिंग कराना भी अनिवार्य है। एक पशुपालक को केवल दो गायों की एक इकाई का लाभ दिया जाता है।
मिनी नंदिनी योजना में 10 गायों पर 11.80 लाख रुपये का अनुदान
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना उन किसानों के लिए उपयोगी है, जो 10 देसी गायों के साथ डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। इस योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की 10 गायों की इकाई स्थापित की जाती है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये है। इसमें सरकार की ओर से 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 11.80 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। लाभार्थी को 15 प्रतिशत राशि स्वयं लगानी होती है, जबकि शेष 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण या अपने वित्तीय संसाधनों से जुटाई जा सकती है। अनुदान दो किस्तों में दिया जाता है।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 25 गायों पर 31.25 लाख रुपये
बड़े स्तर पर डेयरी फार्म स्थापित करने वाले किसानों के लिए नंदिनी कृषक समृद्धि योजना संचालित की जा रही है। UP Dairy Subsidy Yojana 2026 की इस योजना के तहत 25 देसी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने पर अधिकतम 31.25 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। इस परियोजना की कुल लागत 62.50 लाख रुपये निर्धारित है। इसमें 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देती है, जबकि 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होती है और शेष 35 प्रतिशत बैंक ऋण के माध्यम से जुटाई जा सकती है।
इस योजना में अनुदान तीन चरणों में दिया जाता है। पहली किस्त आधारभूत ढांचा तैयार होने के बाद, दूसरी किस्त गायों की खरीद के बाद और तीसरी किस्त इकाई में कम से कम 10 गायों की संतति उत्पन्न होने पर दी जाती है। यह योजना प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालय वाले जिलों में लागू है। UP Dairy Subsidy Yojana 2026
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डेयरी फार्म खोलने के लिए कितनी जमीन होनी चाहिए?
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 का लाभ लेने के लिए जमीन और चारे की व्यवस्था से जुड़ी शर्तें पूरी करना जरूरी है। मिनी नंदिनी योजना में डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 0.20 एकड़ जमीन उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा सालभर हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने का शपथ पत्र देना होता है। वहीं, 25 गायों वाली नंदिनी योजना में आधारभूत ढांचे के लिए लगभग 0.50 एकड़ और चारा उत्पादन के लिए 1.50 एकड़ जमीन जरूरी है। यह जमीन स्वयं की, पैतृक या साझेदारी की हो सकती है। निर्धारित शर्तों के अनुसार पंजीकृत अनुबंध पर ली गई जमीन भी मान्य है।
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 के तहत मिनी नंदिनी और नंदिनी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास गाय या भैंस पालन का कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। इसके लिए संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अनुभव प्रमाणित कराना जरूरी है। इसके अलावा खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार ब्याई हुई होनी चाहिए और उसका ब्याने का समय 45 दिन से अधिक नहीं होना चाहिए। पशुओं का बीमा और ईयर टैगिंग कराना भी अनिवार्य है। पहले से संबंधित डेयरी योजनाओं का लाभ ले चुके पशुपालकों पर पात्रता से जुड़ी अलग-अलग पाबंदियां लागू होती हैं।
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 में आवेदन कैसे करें?
इन योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश सरकार के नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर संबंधित योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण, जमीन से संबंधित दस्तावेज और पशुपालन अनुभव प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। योजना के अनुसार दस्तावेजों में अंतर हो सकता है। आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जा सकता है। स्वीकृत अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
UP Dairy Subsidy Yojana 2026 के तहत डेयरी व्यवसाय शुरू करने से पहले किसान संबंधित योजना की सभी शर्तों को अच्छी तरह समझ लें। गायों की खरीद, पशु शेड निर्माण, चारे और पानी की व्यवस्था के लिए पर्याप्त बजट तैयार करें। इसके अलावा दूध की बिक्री के लिए नजदीकी बाजार या दुग्ध सहकारी समिति से संपर्क करना भी फायदेमंद रहेगा। योजना में आवेदन करने से पहले अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करके आवेदन की अंतिम तारीख, उपलब्ध लक्ष्य और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
