उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 शुरू कर दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से किसान प्रमाणित बीज, दलहन-तिलहन मिनी किट, तोरिया बीज और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर कृषि संसाधन उपलब्ध कराना और खेती की लागत कम करना है। यदि आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं, तो UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 पर आवेदन करके इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
रबी सीजन के लिए खुला UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सरकार ने रबी सीजन की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 के माध्यम से किसान प्रमाणित बीज के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीज वितरण के लिए पोर्टल 10 जुलाई से खुल चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के जरिए पात्र किसानों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित किसानों को समय पर प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे रबी की बुवाई बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
लाखों किसानों को मिलेगा मुफ्त बीज का लाभ
इस वर्ष सरकार ने 7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 36,475 कुंतल प्रमाणित बीज निशुल्क वितरित किए जाएंगे। UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 पर पंजीकरण करने वाले किसानों का चयन पूरी तरह पारदर्शी ई-लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा। सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से किसानों की पैदावार और आय दोनों में बढ़ोतरी होगी।
कम बारिश को देखते हुए तोरिया बीज भी मिलेगा
प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण सरकार ने अल्प अवधि वाली तोरिया फसल को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 के तहत किसानों को 1,000 कुंतल तोरिया बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें 600 कुंतल मुफ्त मिनी किट के रूप में और 400 कुंतल अनुदान पर वितरित किए जाएंगे। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 17 अगस्त के बाद ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा।
कृषि यंत्रों पर भी मिलेगा भारी अनुदान
बीज के साथ-साथ UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 के जरिए कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों के लिए आवेदन 20 जुलाई से शुरू हो चुके हैं और 10 अगस्त को ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इस योजना के तहत कुल 25,900 कृषि यंत्र किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अब तक 41 हजार से अधिक किसान आवेदन कर चुके हैं, जिससे योजना के प्रति किसानों की रुचि स्पष्ट दिखाई दे रही है।
फार्म मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर को मिलेगा लाभ
UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक और कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा व्यक्तिगत कृषि यंत्र खरीदने वाले पात्र किसानों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार सब्सिडी मिलेगी। सरकार का कहना है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती अधिक लाभदायक और आसान बनेगी।
पशु इलाज का खर्च होगा कम, AMR जैसी समस्या से मिलेगा बचाव
उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सरकार का दावा
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। 1 अप्रैल से 28 जुलाई तक 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार उर्वरक खरीदें।
किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से आग्रह किया है कि वे UP Mein Beej Aur Krishi Yantra Subsidy Portal 2026 पर समय से पंजीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि बीज वितरण, तोरिया बीज और कृषि यंत्रों का चयन पूरी तरह ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होगा, जिससे सभी पात्र किसानों को पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके। समय पर आवेदन करने वाले किसानों को रबी सीजन में सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।
