Urea DAP New Rules : खरीफ सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने खाद वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से ही यूरिया और DAP खाद मिलेगी। सरकार ने खाद की कालाबाजारी रोकने और जरूरतमंद किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है।
नई व्यवस्था के तहत किसानों को खाद खरीदने के लिए आधार कार्ड, फार्मर आईडी और ई-टोकन आवश्यक होगा। कृषि विभाग का कहना है कि इससे खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और छोटे किसानों को समय पर खाद मिल सकेगी। Urea DAP New Rules
जमीन और फसल के अनुसार मिलेगी खाद
अब किसानों को उनकी जमीन और बोई गई फसल के आधार पर खाद दी जाएगी। उत्तर प्रदेश में 1 हेक्टेयर जमीन पर अधिकतम 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी DAP देने की सीमा तय की गई है। किसानों को खाद लेने के लिए पहले फार्मर रजिस्ट्री पूरी करनी होगी। इसके बाद वे साधन सहकारी समितियों और अधिकृत दुकानों से खाद खरीद सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि पहले कुछ लोग जरूरत से ज्यादा खाद खरीदकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे छोटे किसानों को परेशानी होती थी।

ई-टोकन से मिलेगी खाद
मध्य प्रदेश में खाद वितरण के लिए ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है। किसान ऑनलाइन ई-टोकन बुक कर सकेंगे और उसी के आधार पर उन्हें खाद मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत एक किसान को एक महीने में अधिकतम 50 बोरी खाद ही दी जाएगी, चाहे उसकी पात्रता इससे ज्यादा क्यों न हो। सरकार का कहना है कि इससे सभी किसानों को बराबरी से खाद मिल सकेगी। Urea DAP New Rules
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बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेगी खाद
कृषि विभाग ने किसानों से जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में बिना फार्मर आईडी के यूरिया और DAP खरीदना मुश्किल हो सकता है। सरकार का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से खाद वितरण आसान होगा, लंबी लाइनें कम लगेंगी और कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी। Urea DAP New Rules
