बारिश में बढ़ा खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा, बिहार सरकार चला रही फ्री FMD वैक्सीन अभियान Bihar Free FMD Vaccination

बारिश में बढ़ा खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा, बिहार सरकार चला रही फ्री FMD वैक्सीन अभियान Bihar Free FMD Vaccination

बरसात का मौसम जहां खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद माना जाता है, वहीं यह पशुओं में कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इनमें सबसे गंभीर बीमारी खुरपका-मुंहपका (Foot and Mouth Disease – FMD) है। इस बीमारी से बचाव के लिए Bihar Free FMD Vaccination अभियान पूरे राज्य में तेजी से चलाया जा रहा है। सरकार पशुपालकों के घर-घर पहुंचकर गाय, भैंस, बैल और बछड़ों को निशुल्क FMD वैक्सीन लगा रही है, ताकि पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके और दूध उत्पादन पर पड़ने वाले असर को रोका जा सके।

क्या है Bihar Free FMD Vaccination अभियान?

Bihar Free FMD Vaccination बिहार सरकार की एक विशेष पशु स्वास्थ्य पहल है, जिसके तहत राज्यभर में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए पशुओं का मुफ्त टीकाकरण किया जा रहा है। इस अभियान के सातवें चरण की शुरुआत 10 जुलाई से की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 79 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है और 16 लाख से ज्यादा पशुपालक किसान इसका लाभ उठा चुके हैं।

मानसून में क्यों बढ़ जाता है FMD रोग का खतरा?

बरसात के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से वायरस तेजी से फैलते हैं। खुरपका-मुंहपका रोग संक्रमित पशु के संपर्क, लार, दूध, चारे और दूषित उपकरणों के माध्यम से दूसरे पशुओं तक आसानी से पहुंच सकता है। इस बीमारी के कारण पशुओं को तेज बुखार, मुंह और खुरों में छाले, चलने में परेशानी, भूख कम लगना और दूध उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि पशु विशेषज्ञ मानसून के दौरान समय पर Bihar Free FMD Vaccination करवाने की सलाह देते हैं।

घर-घर पहुंचकर लगाए जा रहे हैं मुफ्त टीके

Bihar Free FMD Vaccination अभियान के तहत प्रशिक्षित टीकाकर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर गाय, भैंस, बैल, बछड़ा और बछड़ी का निशुल्क टीकाकरण कर रहे हैं। जिन पशुपालकों के पशुओं को अभी तक FMD वैक्सीन नहीं लगी है, उन्हें जल्द से जल्द अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय या पशु चिकित्सक से संपर्क कर टीकाकरण करवाना चाहिए।

इन जिलों में सबसे अधिक हुआ टीकाकरण

बिहार के सभी 38 जिलों में Bihar Free FMD Vaccination अभियान चलाया जा रहा है। अब तक पूर्णिया जिले में लगभग 5.98 लाख, पटना में करीब 4.89 लाख और पूर्वी चंपारण में 4.61 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इन जिलों में पशुपालकों की सक्रिय भागीदारी के कारण अभियान को बेहतर सफलता मिली है।

2030 तक FMD मुक्त बनाने का लक्ष्य

बिहार सरकार और केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग पर प्रभावी नियंत्रण और इसके उन्मूलन का है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यभर में 2.81 करोड़ पशुओं को FMD वैक्सीन लगाई गई थी, जिससे 50 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभ मिला। बिहार में यह टीकाकरण अभियान वर्ष 2006 से लगातार चलाया जा रहा है और हर चरण में लाखों पशुओं को इसका लाभ मिल रहा है।

दूध उत्पादन पर पड़ता है सीधा असर

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के पशु वैज्ञानिक डॉ. दुष्यंत कुमार यादव के अनुसार, बरसात के मौसम में FMD संक्रमण तेजी से फैलता है। इस बीमारी का सबसे बड़ा असर पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है। संक्रमित पशुओं की दुग्ध क्षमता कम हो जाती है, जिससे पशुपालकों की आय प्रभावित होती है। ऐसे में Bihar Free FMD Vaccination अभियान पशुओं को स्वस्थ रखने और डेयरी व्यवसाय को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

हर साल देश को होता है हजारों करोड़ रुपये का नुकसान

विशेषज्ञों के अनुसार खुरपका-मुंहपका रोग की वजह से भारत को हर वर्ष लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान होता है। इसके अलावा पशु उत्पादों के निर्यात पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी कारण सरकार लगातार Bihar Free FMD Vaccination जैसे टीकाकरण अभियानों को गति दे रही है, ताकि पशुपालकों की आय सुरक्षित रहे और देश को होने वाले आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके।

शिकायत या जानकारी के लिए यहां करें संपर्क

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे टीकाकर्मियों का पूरा सहयोग करें और अपने सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं। विभाग ने किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सुझाव के लिए टोल फ्री नंबर 1962 जारी किया है, जहां पशुपालक सीधे संपर्क कर सकते हैं।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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