Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani: गुजरात में इस बार मॉनसून की कमजोर स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खेतों में खड़ी खरीफ फसलों पर संकट बढ़ने लगा है। ऐसे समय में किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani, क्योंकि राज्य सरकार ने कम बारिश वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
राज्य में मॉनसून सीजन के 70 से ज्यादा दिन बीत चुके हैं और अब तक करीब 75 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद गुजरात के 17 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। इन जिलों में बारिश की कमी करीब 3 प्रतिशत से लेकर 87 प्रतिशत तक बताई गई है। देवभूमि द्वारका, जामनगर, पोरबंदर और कच्छ सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
कम बारिश से खरीफ फसलों पर बढ़ा संकट
गुजरात के कई हिस्सों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी होने लगी है। इसका असर सीधे खरीफ फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर पड़ सकता है। दक्षिण गुजरात को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani
बारिश की कमी आगे भी बनी रहती है तो किसानों को फसल बचाने के लिए सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की तैयारी की है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani का फैसला किसानों के लिए इस समय बड़ी राहत माना जा रहा है।
El Nino के असर से बढ़ी किसानों की चिंता
कम बारिश के बीच El Nino के असर को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। यदि आने वाले दिनों में बारिश सामान्य नहीं होती है तो खरीफ फसलों पर इसका असर और बढ़ सकता है। किसानों की इसी परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में बारिश की स्थिति और उपलब्ध जल संसाधनों की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
नर्मदा, सौनी और सुजलाम सुफलाम योजना से मिलेगा पानी
बैठक में किसानों की खड़ी फसल को बचाने के लिए नर्मदा, सौनी और सुजलाम सुफलाम योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया। सरकार का उद्देश्य कम बारिश वाले क्षेत्रों में सिंचाई की जरूरत पूरी करना है। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल बारिश की कमी के कारण सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani मिलने से किसान समय पर फसलों की सिंचाई कर सकेंगे।
माही क्षेत्र में 20 दिन तक मिलेगा 5,000 क्यूसेक पानी
सरकार के अनुसार माही कमांड एरिया में सिंचाई की जरूरत पूरी करने के लिए करीब 5,000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पानी अगले 20 दिनों तक देने की व्यवस्था की गई है। माही क्षेत्र में बारिश की कमी से प्रभावित किसानों को इस पानी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। खेतों में खड़ी खरीफ फसल को पर्याप्त सिंचाई मिलने से फसल को सूखने से बचाने में मदद मिल सकती है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani की व्यवस्था इसी उद्देश्य से की गई है।
उत्तर गुजरात के किसानों को भी राहत
उत्तर गुजरात के किसानों के लिए भी सरकार ने सिंचाई के पानी की व्यवस्था की है। सुजलाम सुफलाम पाइपलाइन योजना के माध्यम से करीब 2,000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पानी करीब 15 दिनों तक जारी रखने की व्यवस्था की गई है। बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी मिलने से किसानों को अपनी फसल बचाने का मौका मिलेगा। इससे खासतौर पर उन खेतों को राहत मिल सकती है जहां बारिश के अभाव में फसल की स्थिति कमजोर हो रही है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani
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सौराष्ट्र में नर्मदा का पानी पहुंचाया जाएगा
सौराष्ट्र के कई इलाकों में भी बारिश की कमी बनी हुई है। जामनगर और देवभूमि द्वारका जैसे जिलों में किसानों की खड़ी फसल को बचाने के लिए सौनी योजना के जरिए नर्मदा का पानी पहुंचाया जाएगा। इस सिंचाई व्यवस्था को अगले 10 दिनों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani मिलने से सौराष्ट्र के प्रभावित किसानों को भी फसल बचाने में मदद मिलेगी। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani
सरकार ने किसानों से की पानी बचाने की अपील
गुजरात सरकार का कहना है कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में खड़ी खरीफ फसल को बचाना है। इसके लिए संबंधित विभागों को पानी की उपलब्धता और वितरण को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किसानों और आम लोगों से पानी का समझदारी और किफायत से इस्तेमाल करने की अपील की है।
सरकार बारिश और जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत के अनुसार आगे भी सिंचाई और पानी की उपलब्धता को लेकर फैसले लिए जा सकते हैं। Gujarat Mein Kam Barish Se Fasal Ko Milega Sinchai Ka Pani मिलने से फिलहाल कम बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों को अपनी खरीफ फसल बचाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से अलग-अलग सिंचाई योजनाओं के जरिए पानी उपलब्ध कराने का यह फैसला किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत साबित हो सकता है।

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