जयपुर में 19-20 सितंबर को होगा राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन 2026, किसानों की आय और फूड सेफ्टी पर होगा मंथन Jaipur Mein National Spice Conference 2026

जयपुर में 19-20 सितंबर को होगा राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन 2026, किसानों की आय और फूड सेफ्टी पर होगा मंथन Jaipur Mein National Spice Conference 2026

Jaipur Mein National Spice Conference 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 19 और 20 सितंबर 2026 को पांचवें राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। वर्ल्ड स्पाइस ऑर्गेनाइजेशन (WSO) की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में किसानों की आय बढ़ाने, फूड सेफ्टी, टिकाऊ खेती, मसाला निर्यात और एफपीओ के लिए नए बाजार अवसरों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

Jaipur Mein National Spice Conference 2026 का आयोजन ऑल इंडिया स्पाइसेस एक्सपोर्टर्स फोरम (AISEF) के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। यह कार्यक्रम नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। इसमें किसान, किसान उत्पादक संगठन (FPO), प्रोसेसर, निर्यातक, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।

National Spice Conference 2026 की क्या है थीम?

इस साल सम्मेलन की थीम “Empowering Farmers, Protecting Consumers” यानी “किसानों को सशक्त बनाना, उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना” रखी गई है। Jaipur Mein National Spice Conference 2026 का मुख्य उद्देश्य मसाला मूल्य श्रृंखला से जुड़े सभी प्रमुख लोगों को एक मंच पर लाना है। सम्मेलन के दौरान किसानों की समस्याओं, बाजार की जरूरतों, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक बाजार में भारतीय मसालों की प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर चर्चा होगी। Jaipur Mein National Spice Conference 2026

किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा खास फोकस

सम्मेलन में मसाला किसानों की आय बढ़ाने के लिए जरूरी उपायों पर विशेष चर्चा की जाएगी। किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने और मसालों के निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाने पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। इसके अलावा किसानों और एफपीओ को सीधे बाजार से जोड़ने के मॉडल पर भी चर्चा होगी। इससे उत्पादकों को बेहतर खरीदारों तक पहुंच बनाने और अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने में मदद मिल सकती है। Jaipur Mein National Spice Conference 2026

फूड सेफ्टी और टिकाऊ खेती पर जोर

Jaipur Mein National Spice Conference 2026 में Food Safety, Responsible Sourcing और Sustainability प्रमुख विषय रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मसालों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर नियम लगातार सख्त हो रहे हैं। ऐसे में किसानों के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें गुणवत्ता, ट्रैसेबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों पर भी ध्यान देना होगा। सम्मेलन में किसानों और एफपीओ को इन नई आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के तरीकों पर मंथन किया जाएगा।

किसानों और एफपीओ को मिलेंगे बाजार के नए अवसर

राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के लिए बाजार के नए अवसरों पर भी चर्चा होगी। एफपीओ को बड़े खरीदारों, व्यापारियों और निर्यातकों से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग करने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

प्रदर्शनी और Buyer-Seller Meet भी होगी

सम्मेलन के दौरान आधुनिक कृषि तकनीक, मसाला प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जुड़ी तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही Buyer-Seller Meet का आयोजन होगा, जिसमें किसान, एफपीओ, व्यापारी और निर्यातक सीधे एक-दूसरे से बातचीत कर सकेंगे। यह आयोजन किसानों और एफपीओ के लिए नए खरीदारों से जुड़ने और व्यापार के अवसर बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। Jaipur Mein National Spice Conference 2026

उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे कई बड़े नाम

National Spice Conference 2026 के उद्घाटन सत्र में मसाला और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस दौरान WSO के चेयरमैन रामकुमार मेनन, कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष और किसानों की आय दोगुनी करने संबंधी समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक दलवई, स्पाइसेस बोर्ड के सचिव एम.एस. मणिवन्नन, राजस्थान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल और NSC 2026 बिजनेस कमेटी के चेयरमैन गणपति के. डी. शामिल होंगे।

सम्मेलन के दूसरे दिन एपीडा (APEDA) के अध्यक्ष अभिषेक देव मुख्य वक्तव्य देंगे। उनके संबोधन में कृषि निर्यात, मूल्य संवर्धन और वैश्विक बाजार में भारतीय मसालों की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। Jaipur Mein National Spice Conference 2026

भारतीय मसाला क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां

वैश्विक बाजार में भारतीय मसालों की मांग बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम भी सख्त हो रहे हैं। ऐसे में भारतीय किसानों और मसाला उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उत्पादन करना जरूरी हो गया है। Jaipur Mein National Spice Conference 2026 में इन्हीं चुनौतियों के साथ मसाला क्षेत्र में मौजूद नए अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ किसानों को बाजार से जोड़ने, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने और निर्यात के लिए मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने पर जोर देंगे।

2025 के सम्मेलन में शामिल हुए थे 485 प्रतिनिधि

राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन पिछले कुछ वर्षों में मसाला उद्योग से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। पिछले चार आयोजनों में किसान, एफपीओ, प्रोसेसर, निर्यातक, शोधकर्ता, नियामक संस्थाएं और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। साल 2025 में आयोजित सम्मेलन में 485 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों, एफपीओ और मसाला उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। Jaipur Mein National Spice Conference 2026

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है National Spice Conference 2026?

Jaipur Mein National Spice Conference 2026 किसानों और मसाला उद्योग के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यहां किसानों की आय बढ़ाने, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और मसाला निर्यात को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही एफपीओ को नए खरीदारों और बाजारों से जोड़ने के प्रयास भी किए जाएंगे। ऐसे में जयपुर में होने वाला यह सम्मेलन भारतीय मसाला क्षेत्र को नई दिशा देने और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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