मध्य प्रदेश में कृषि विकास के लिए कैबिनेट ने 13 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं को दी मंजूरी Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026

मध्य प्रदेश में कृषि विकास के लिए कैबिनेट ने 13 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं को दी मंजूरी Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026

Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026: मध्य प्रदेश में कृषि विकास और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अलग-अलग विकास योजनाओं के लिए मंजूर की गई है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के तहत सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक सिंचाई तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

आगामी पांच वर्षों यानी 2026 से 2031 तक कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि भूमि तक पानी की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना और किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का लाभ देना है।

Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के तहत सिंचाई पर जोर

Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के तहत राज्य सरकार ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सूक्ष्म सिंचाई तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। सरकार का उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराना है। आधुनिक सिंचाई प्रणाली से पानी की बचत करने और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे बागवानी, औषधीय फसलों और अन्य कृषि फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262 करोड़ रुपये मंजूर

राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य करीब 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता को बढ़ाना है। परियोजना के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई पद्धति को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के तहत इस तरह की परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलने से कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

जावद-नीमच परियोजना के लिए 4,197 करोड़ रुपये की मंजूरी

नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह परियोजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी। जावद-नीमच परियोजना दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली पर आधारित है। इसके माध्यम से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना है।

परियोजना का उद्देश्य पानी की बचत के साथ सिंचाई क्षमता बढ़ाना और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता में सुधार करना है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 में जावद-नीमच परियोजना को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, क्योंकि इसके माध्यम से जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना के लिए 507 करोड़ रुपये

राजगढ़ जिले की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध का निर्माण कर करीब 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़ाना है।

परियोजना के तहत बनने वाले बांध से कई नहरों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मौजूदा नहरों और जलस्रोतों को भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के तहत राजगढ़ जिले की इस परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में विभिन्न फसलों की खेती को बढ़ावा मिल सकता है।

88 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को मिलेगा लाभ

इन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के बड़े कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन परियोजनाओं के माध्यम से करीब 88 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिल सकेगा। सिंचाई क्षेत्र बढ़ने से किसानों की बारिश पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही आधुनिक सिंचाई तकनीक के इस्तेमाल से पानी की बचत और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के तहत कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीद को भी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में कृषि और सिंचाई परियोजनाओं के अलावा प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। कृषि क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि सिंचाई पंप और कई अन्य कृषि गतिविधियां बिजली पर निर्भर रहती हैं। बिजली से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से आने वाले वर्षों में ग्रामीण और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026

कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर

मध्य प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। सिंचाई परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक को शामिल करने का उद्देश्य किसानों को बेहतर जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। Madhya Pradesh Sinchai Pariyojana 2026 के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई और बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के जरिए कृषि भूमि तक पानी पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का दायरा बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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