केंद्र सरकार ने PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav करते हुए किसानों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया गया है कि वे जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे में शामिल कर सकें। यदि कोई राज्य इस सुविधा को लागू करता है, तो अतिरिक्त बीमा प्रीमियम का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इससे किसानों को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के नई सुरक्षा मिलेगी।
PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav क्या है?
PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav के तहत अब राज्य सरकारें चाहें तो नीलगाय, जंगली सूअर, हाथी और अन्य वन्यजीवों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को बीमा कवरेज में शामिल कर सकती हैं। पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस प्रकार के नुकसान पर मुआवजा नहीं मिलता था, लेकिन अब संशोधित गाइडलाइन के बाद इसे “एड-ऑन कवर” के रूप में शामिल करने का विकल्प राज्यों को दिया गया है।हालांकि यह व्यवस्था पूरे देश में स्वतः लागू नहीं होगी। इसका निर्णय संबंधित राज्य सरकार को लेना होगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की शुरुआत वर्ष 2016-17 में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, अत्यधिक वर्षा और अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल को हुए नुकसान पर बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है।योजना किसानों और राज्य सरकारों दोनों के लिए स्वैच्छिक है। किसान पात्रता के अनुसार इसमें शामिल हो सकते हैं, जबकि राज्य सरकारें अपनी सहमति से इस योजना को लागू करती हैं।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
देश के कई राज्यों में हर साल हजारों किसानों की फसलें जंगली जानवरों के कारण बर्बाद हो जाती हैं। विशेष रूप से नीलगाय, जंगली सूअर और हाथियों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav लागू होने के बाद यदि राज्य सरकार इस प्रावधान को अपनाती है, तो किसानों को ऐसे नुकसान पर भी बीमा दावा करने का अवसर मिलेगा।इससे खेती का जोखिम कम होगा और किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
जंगली जानवरों से नुकसान को क्यों किया गया शामिल?
अब तक जंगली जानवरों से फसल नुकसान को ऐसा जोखिम माना जाता था जिसे स्थानीय स्तर पर नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन कई राज्यों ने केंद्र सरकार से इस विषय पर लगातार मांग की थी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सुझावों के बाद केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की संचालन गाइडलाइन में संशोधन करते हुए राज्यों को यह नया विकल्प उपलब्ध कराया है।यही कारण है कि PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
अतिरिक्त प्रीमियम का खर्च कौन उठाएगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई राज्य जंगली जानवरों से फसल नुकसान को बीमा में शामिल करता है, तो इसके लिए लगने वाला अतिरिक्त प्रीमियम किसानों से नहीं लिया जाएगा। इस अतिरिक्त राशि का भुगतान संबंधित राज्य सरकार करेगी।इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा क्योंकि उन्हें बिना अतिरिक्त प्रीमियम दिए अधिक व्यापक बीमा सुरक्षा प्राप्त होगी।
बाढ़ से नुकसान का कवर पहले से जारी रहेगा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बाढ़ (Inundation) से होने वाले नुकसान का बीमा पहले से उपलब्ध है। यदि अधिसूचित फसल को बाढ़ के कारण नुकसान होता है, तो किसान योजना के नियमों के अनुसार बीमा दावा कर सकते हैं। PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav के बाद भी यह सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
किन फसलों पर यह नियम लागू नहीं होगा?
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान, जूट, मेस्ता और गन्ना जैसी अधिक पानी सहन करने वाली फसलों में स्थानीय स्तर पर जलभराव के मामलों में अलग नियम लागू रहेंगे। इन फसलों के लिए सामान्य जलभराव को बीमा दावा का आधार नहीं माना जाएगा क्योंकि इनकी प्रकृति अन्य फसलों से अलग होती है। PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav
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संसद में सरकार ने दी जानकारी
लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लिखित उत्तर में बताया कि सरकार समय-समय पर किसानों की जरूरतों और राज्यों के सुझावों के आधार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवश्यक बदलाव करती रहती है। उन्होंने कहा कि PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav का उद्देश्य किसानों को अधिक व्यापक बीमा सुरक्षा प्रदान करना है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
देश के कई राज्यों में किसान हर साल जंगली जानवरों की वजह से अपनी मेहनत की फसल खो देते हैं। ऐसे में PM Fasal Bima Yojana Mein Bada Badlav किसानों के लिए राहत भरा कदम साबित हो सकता है। यदि राज्य सरकारें इस नए प्रावधान को लागू करती हैं, तो लाखों किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।यह बदलाव प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पहले से अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की स्थिति में भी किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलने का रास्ता खुलेगा।
