Rajasthan Farm Pond Yojana: राजस्थान में किसानों के लिए जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। Rajasthan Farm Pond Yojana के तहत चालू वित्तीय वर्ष में करीब 18 हजार नए फार्म पॉण्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन फार्म पॉण्ड के निर्माण पर सरकार 185 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करेगी। फार्म पॉण्ड के जरिए किसान बारिश के पानी को खेत में ही रोककर सुरक्षित रख सकेंगे। जरूरत के समय इसी पानी का इस्तेमाल फसलों की सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। इससे बारिश पर निर्भर किसानों को सिंचाई के लिए एक अतिरिक्त जल स्रोत मिल सकता है।
क्या है Rajasthan Farm Pond Yojana?
Rajasthan Farm Pond Yojana के तहत खेतों में जल संग्रहण के लिए फार्म पॉण्ड बनाए जाते हैं। बारिश के दौरान खेत से बहने वाले पानी को इन पॉण्ड में जमा किया जाता है। इसके बाद किसान फसल की आवश्यकता के अनुसार इस पानी का इस्तेमाल सिंचाई में कर सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को खेत स्तर पर रोकना और उसका बेहतर उपयोग करना है। इससे पानी के बहाव को कम करने के साथ खेत की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
185 करोड़ से बनेंगे करीब 18 हजार फार्म पॉण्ड
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में करीब 18 हजार नए फार्म पॉण्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। इनके निर्माण के लिए 185 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। Rajasthan Farm Pond Yojana के तहत नए फार्म पॉण्ड बनने से बड़ी संख्या में किसानों को अपने खेत में बारिश का पानी संग्रहित करने की सुविधा मिल सकेगी। खासकर ऐसे क्षेत्रों में इसका फायदा अधिक हो सकता है, जहां खेती काफी हद तक मानसून की बारिश पर निर्भर रहती है।
किसानों को कितना मिलेगा अनुदान?
योजना के तहत पात्र किसानों को फार्म पॉण्ड निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसानों को 63 हजार रुपए से लेकर 1 लाख 35 हजार रुपए तक का अनुदान मिल सकता है। अनुदान की राशि फार्म पॉण्ड के आकार और योजना के निर्धारित नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। आवेदन करने से पहले किसान अपने जिले के कृषि विभाग से पात्रता और वर्तमान नियमों की जानकारी जरूर लें।
ढाई साल में बने 35,893 फार्म पॉण्ड
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में पिछले ढाई वर्षों के दौरान 35,893 फार्म पॉण्ड बनाए जा चुके हैं। इनके निर्माण के लिए किसानों को करीब 328 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है। अब Rajasthan Farm Pond Yojana के तहत नए लक्ष्य के साथ खेतों में जल संग्रहण के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बढ़ाने की तैयारी है। इससे प्रदेश में फार्म पॉण्ड की संख्या में और बढ़ोतरी होगी।
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खरीफ और रबी फसलों में मिलेगा फायदा
फार्म पॉण्ड में जमा बारिश के पानी का उपयोग फसल की जरूरत के अनुसार किया जा सकता है। बारिश रुकने के बाद यदि खेत में नमी कम होने लगे, तो किसान इस पानी से फसल को जीवनरक्षक सिंचाई दे सकते हैं। इसका फायदा खरीफ के साथ रबी फसलों को भी मिल सकता है। खेत में पानी उपलब्ध होने से किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर निर्भर नहीं रहेंगे।
बारिश के पानी का खेत में होगा बेहतर प्रबंधन
Rajasthan Farm Pond Yojana का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बारिश के पानी को स्थानीय स्तर पर संरक्षित करना है। बारिश के दौरान खेतों से बहकर निकलने वाले पानी को फार्म पॉण्ड में एकत्र किया जा सकता है। इससे पानी को खेत से दूर जाने से रोकने में मदद मिलती है और जरूरत के समय उसी पानी का इस्तेमाल खेती में किया जा सकता है। इस तरह फार्म पॉण्ड जल संरक्षण के साथ कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
राजस्थान में मजबूत होगा कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर
राजस्थान के कई इलाकों में पानी की उपलब्धता खेती के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में खेतों पर बनाए जाने वाले फार्म पॉण्ड किसानों को स्थानीय स्तर पर पानी संग्रह करने की सुविधा देते हैं।Rajasthan Farm Pond Yojana के तहत करीब 18 हजार नए फार्म पॉण्ड बनने से खेतों की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे सिंचाई के वैकल्पिक स्रोत को बढ़ावा मिलने के साथ बारिश पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

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