Rajasthan Kharif Sowing Update 2026: राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 की बुवाई इस बार उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। देर से पहुंचे मॉनसून और कई जिलों में बारिश की धीमी शुरुआत का प्रभाव सीधे खेती पर देखने को मिल रहा है। राज्य के कृषि विभाग द्वारा 6 जुलाई तक जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 76.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो सकी है, जबकि इस वर्ष कुल लक्ष्य 165.39 लाख हेक्टेयर रखा गया है। यानी लक्ष्य का सिर्फ 46 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।
पिछले वर्ष इसी अवधि तक 97.36 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। इस तरह इस बार करीब 21.25 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो लगभग 22 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। ऐसे में Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 किसानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
Rajasthan Kharif Sowing Update 2026: लेट मॉनसून बना खरीफ बुवाई में सबसे बड़ी चुनौती
इस वर्ष मानसून की धीमी प्रगति के कारण कई जिलों में किसान समय पर बुवाई शुरू नहीं कर पाए। पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी रही, जिससे किसान बीज बोने का जोखिम नहीं उठा सके। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ बुवाई की गति तेज हो सकती है। फिलहाल Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 यह संकेत देता है कि मॉनसून की चाल ही इस सीजन की खेती की दिशा तय करेगी।
अनाज फसलों में बाजरा सबसे आगे, लेकिन पिछले साल से कम रकबा
राज्य के कृषि विभाग के अनुसार अनाज फसलों में बाजरा सबसे अधिक क्षेत्र में बोया गया है। अब तक बाजरे की बुवाई 19.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। इसके अलावा ज्वार की बुवाई 3.03 लाख हेक्टेयर और मक्का की बुवाई 5.31 लाख हेक्टेयर में दर्ज की गई है। धान का रकबा पिछले वर्ष के 1.04 लाख हेक्टेयर से घटकर केवल 0.69 लाख हेक्टेयर रह गया है। वहीं स्मॉल मिलेट्स की बुवाई अभी शुरू भी नहीं हो सकी है।
कुल मिलाकर अनाज फसलों की बुवाई 28.25 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 48 प्रतिशत है। हालांकि अधिकांश प्रमुख अनाज फसलों का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में कम दर्ज किया गया है। Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 के आंकड़े बताते हैं कि बारिश की कमी का सबसे अधिक असर अनाज फसलों पर पड़ा है।
दलहन फसलों में मूंग सबसे आगे
दलहन फसलों में इस बार भी मूंग किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। राज्य में अब तक 12.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बुवाई की गई है। हालांकि यह पिछले वर्ष के 13.54 लाख हेक्टेयर की तुलना में थोड़ी कम है। इसके अलावा मोठ की बुवाई 3.56 लाख हेक्टेयर, उड़द 1.31 लाख हेक्टेयर, चौला 44,300 हेक्टेयर तथा अरहर केवल 5,390 हेक्टेयर में हुई है। अन्य खरीफ दलहन फसलों की बुवाई 246 हेक्टेयर दर्ज की गई है। इस प्रकार कुल दलहन क्षेत्र 18.18 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 44 प्रतिशत है। Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 के अनुसार दलहन फसलों की बुवाई भी अभी लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है।
तिलहन फसलों में मूंगफली की शानदार बढ़त
तिलहन फसलों में सबसे अच्छी प्रगति मूंगफली की खेती में देखने को मिली है। इस वर्ष अब तक 8.56 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की बुवाई हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक यह आंकड़ा 7.37 लाख हेक्टेयर था। इससे साफ है कि किसानों का रुझान इस बार मूंगफली की ओर बढ़ा है।
इसके विपरीत सोयाबीन की खेती को बड़ा झटका लगा है। पिछले वर्ष जहां 7.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन बोई गई थी, वहीं इस बार यह घटकर केवल 4.90 लाख हेक्टेयर रह गई है। तिल की बुवाई 28,703 हेक्टेयर और अरंडी की बुवाई मात्र 1,067 हेक्टेयर में हुई है। कुल मिलाकर तिलहन फसलों की बुवाई 13.76 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो लक्ष्य का लगभग 50 प्रतिशत है। Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 में सबसे बड़ी गिरावट सोयाबीन के रकबे में दर्ज की गई है।
कपास में गिरावट, ग्वार की खेती में बढ़ा किसानों का रुझान
राजस्थान में कपास की खेती भी इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पीछे चल रही है। अब तक केवल 5.13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक यह 6.04 लाख हेक्टेयर थी। वहीं ग्वार की खेती में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बार ग्वार का रकबा बढ़कर 8.60 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 7.82 लाख हेक्टेयर था। अन्य फसलों की बुवाई लगभग 2.14 लाख हेक्टेयर में हुई है। Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 बताता है कि किसानों ने इस बार ग्वार जैसी कम पानी वाली फसलों की ओर अधिक रुख किया है।
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गन्ने की खेती लक्ष्य के सबसे करीब
खरीफ सीजन की अन्य फसलों में गन्ने की स्थिति सबसे बेहतर दिखाई दे रही है। अब तक लगभग 4,072 हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की बुवाई हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 81 प्रतिशत है। यह इस सीजन की सबसे तेज प्रगति करने वाली फसलों में शामिल है। Rajasthan Kharif Sowing Update 2026
आगे मॉनसून पर टिकी है किसानों की उम्मीद
राजस्थान में खरीफ बुवाई की वर्तमान स्थिति साफ तौर पर बताती है कि इस बार खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। यदि जुलाई के दूसरे और तीसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होती है, तो किसान तेजी से बुवाई पूरी कर सकते हैं और लक्ष्य के करीब पहुंच सकते हैं। लेकिन यदि बारिश में देरी जारी रहती है, तो कई फसलों का रकबा और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
Rajasthan Kharif Sowing Update 2026 के अनुसार फिलहाल मूंगफली और ग्वार जैसी फसलों ने अच्छी बढ़त बनाई है, जबकि सोयाबीन, धान, मक्का, बाजरा और कपास जैसी प्रमुख फसलें पिछले वर्ष की तुलना में पीछे चल रही हैं। आने वाले दिनों में मॉनसून की सक्रियता ही यह तय करेगी कि राजस्थान खरीफ बुवाई के लक्ष्य को कितना हासिल कर पाता है। Rajasthan Kharif Sowing Update 2026
