देश में इस बार Soybean MSP Update किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। बाजार में सोयाबीन का भाव लगातार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर बना हुआ है, जिसका सीधा प्रभाव खरीफ 2026 की खेती पर दिखाई दे रहा है। बेहतर कीमत मिलने के कारण बड़ी संख्या में किसान पुनः सोयाबीन की खेती की ओर लौट रहे हैं।
गत वर्ष कई किसानों ने कम दाम मिलने की वजह से मक्का जैसी दूसरी फसलों को अपनाया था, लेकिन इस बार बाजार की स्थिति बदलने से सोयाबीन की मांग और खेती दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसी वजह से Soybean MSP Update इस समय किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
MSP से ऊपर मिल रहा बाजार भाव बना सबसे बड़ा कारण
ताजा Soybean MSP Update के अनुसार केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,708 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इसके तुलना में मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में किसानों को 6,700 से 6,900 रुपये प्रति क्विंटल तक का बाजार भाव मिल रहा है। MSP से लगभग एक हजार रुपये ज्यादा कीमत मिलने के कारण किसानों को अच्छा फायदा मिल रहा है। यही वजह है कि इस बार किसान सोयाबीन की खेती को ज्यादा लाभदायक मान रहे हैं और बड़े स्तर पर इसकी बुवाई कर रहे हैं।
खरीफ 2026 में 5 से 7 फीसदी तक बढ़ सकता है रकबा
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के अनुसार Soybean MSP Update के सकारात्मक प्रभाव से खरीफ 2026 में सोयाबीन का रकबा गत वर्ष की तुलना में 5 से 7% तक बढ़ सकता है। संस्था के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक ने बताया कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है और फील्ड सर्वे के अनुसार अधिकांश किसानों ने इस बार फिर से सोयाबीन को प्राथमिकता दी है। गत वर्ष देश में लगभग 114 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती हुई थी और इस बार इससे ज्यादा क्षेत्र में बुवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
100.31 लाख हेक्टेयर में बुवाई का अनुमान
Soybean MSP Update के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत भले ही थोड़ी देर से हुई हो, लेकिन जुलाई में अच्छी बारिश के पश्चात बुवाई ने तेजी पकड़ ली है। SOPA का अनुमान है कि 8 जुलाई तक देश में लगभग 100.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में 80 से 90 प्रतिशत लक्ष्य क्षेत्र में किसानों ने बुवाई पूरी कर ली है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि इस बार उत्पादन का आधार मजबूत बन चुका है।
सरकारी आंकड़ों और SOPA के अनुमान में क्यों है अंतर
ताजा Soybean MSP Update में यह भी सामने आया है कि SOPA और कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में काफी अंतर दिखाई दे रहा है। कृषि मंत्रालय के अनुसार 8 जुलाई तक देश में केवल 57.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई दर्ज की गई है, जबकि SOPA का अनुमान 100.31 लाख हेक्टेयर का है। SOPA के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक का कहना है कि सरकारी आंकड़े सामान्यतः 7 से 10 दिन की देरी से अपडेट होते हैं। इसलिए वर्तमान में दोनों आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में यह अंतर काफी कम हो सकता है।
मध्य प्रदेश में सबसे तेज हुई सोयाबीन की बुवाई
Soybean MSP Update के अनुसार मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तेजी से बुवाई हुई है। SOPA का अनुमान है कि राज्य में लगभग 44.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन बोई जा चुकी है, जबकि सरकारी आंकड़ों में यह क्षेत्रफल 25.96 लाख हेक्टेयर बताया गया है। अच्छी बारिश के कारण राज्य में लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है। बेहतर बाजार भाव ने किसानों का उत्साह और बढ़ाया है।
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महाराष्ट्र और राजस्थान में भी तेजी से बढ़ी खेती
महाराष्ट्र में SOPA ने लगभग 40.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई का अनुमान लगाया है, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह 23.58 लाख हेक्टेयर है। वहीं राजस्थान में SOPA ने 7.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का अनुमान लगाया है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में यह आंकड़ा 4.94 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। Soybean MSP Update के अनुसार दोनों राज्यों में 80 से 90% लक्ष्य क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है और किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं।
कुछ क्षेत्रों में दोबारा करनी पड़ी बुवाई
SOPA के अनुसार कुछ इलाकों में शुरुआती दिनों में असमान बारिश होने से बीजों का अंकुरण सही तरीके से नहीं हो पाया। इसके कारण लगभग 1 से 2 प्रतिशत क्षेत्र में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी। हालांकि अब अधिकांश क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश हो चुकी है और फसल की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। Soybean MSP Update के अनुसार दोबारा बुवाई का प्रभाव कुल उत्पादन पर बहुत ज्यादा पड़ने की संभावना नहीं है।
बेहतर कीमतों से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी बाजार में Soybean MSP Update के अनुसार MSP से ऊपर कीमतें बनी रहती हैं तो किसानों की आय में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। बेहतर दाम मिलने से अगले सीजन में भी सोयाबीन का रकबा बढ़ सकता है। इससे खाद्य तेल उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल मिलेगा और देश में खाद्य तेल उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।
अनुकूल मौसम से उत्पादन बढ़ने की संभावना
इस बार जुलाई में हुई अच्छी बारिश ने सोयाबीन उत्पादक राज्यों में खेती को नई गति दी है। यदि पूरे सीजन में मौसम सामान्य बना रहता है तो खरीफ 2026 में सोयाबीन का उत्पादन गत वर्ष की मुकाबले में में बेहतर रहने की उम्मीद है। Soybean MSP Update यह संकेत देता है कि बेहतर बाजार भाव और अनुकूल मौसम दोनों मिलकर किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि इस वर्ष सोयाबीन की खेती को लेकर किसानों का उत्साह पहले की तुलना में काफी ज्यादा दिखाई दे रहा है।
