तेलंगाना में अल नीनो और कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal राज्य सरकार ने जारी की है। सरकार ने किसानों से कहा है कि वे धान की नई बुवाई से बचें और सिंचाई के लिए भूजल का अत्यधिक उपयोग न करें। यदि बारिश की स्थिति नहीं सुधरी तो रबी सीजन में पानी की गंभीर कमी हो सकती है।
अल नीनो और कमजोर मानसून से बढ़ा संकट
इस वर्ष तेलंगाना में मानसून सामान्य से कमजोर रहा है। लगातार कम बारिश के कारण जलाशयों में पानी का स्तर घट रहा है और भूजल भी तेजी से नीचे जा रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal की गई है ताकि भविष्य में पानी का संकट और गहरा न हो।कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो सिंचाई के साथ-साथ पेयजल की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने किसानों से धान की नई बुवाई रोकने को कहा
कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कहा कि जिन किसानों ने अभी तक धान की बुवाई शुरू नहीं की है, वे केवल बीच-बीच में होने वाली बारिश को देखकर धान की खेती न करें। Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal इसलिए की गई है क्योंकि मौजूदा बारिश पूरी फसल के लिए पर्याप्त नहीं होगी।सरकार ने किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह दी है ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान कम हो।
भूजल के उपयोग पर भी सरकार ने दी चेतावनी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान की सिंचाई के लिए भूजल का अत्यधिक दोहन नहीं किया जाए। लगातार गिरते जल स्तर को देखते हुए Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal के साथ जल संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।अधिकारियों का कहना है कि यदि जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा तो उपलब्ध पानी को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल के लिए सुरक्षित रखना पड़ सकता है।
10 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में हो चुकी धान की बुवाई
कृषि विभाग के अनुसार 21 जुलाई तक 10,06,511 एकड़ क्षेत्र में धान की बुवाई पूरी हो चुकी है। ऐसे में Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal मुख्य रूप से उन किसानों के लिए है जिन्होंने अभी तक धान की रोपाई शुरू नहीं की है।हालांकि पहले से धान लगाने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि यदि बारिश कम रही तो सिंचाई की समस्या गंभीर हो सकती है।
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33 में से 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश
राज्य सरकार की समीक्षा के अनुसार तेलंगाना के 33 में से 23 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। कृषि मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी कम बारिश होने से कृष्णा और गोदावरी नदियों में पानी का प्रवाह घट सकता है। यही वजह है कि Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
कृषि मंत्री ने कहा कि मानसून और जल संसाधनों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी ताकि किसानों और जल संसाधनों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गांव-गांव बनेगी जागरूकता टीम
सरकार ने अधिकारियों को मंडल और गांव स्तर पर निगरानी एवं जागरूकता टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें किसानों को अल नीनो के प्रभाव, उपलब्ध जल संसाधनों, वैकल्पिक फसलों और मौसम के अनुसार खेती की योजना बनाने की जानकारी देंगी।सरकार का उद्देश्य है कि Telangana Me Kisanon Se Dhan Ki Buwai Na Karne Ki Appeal हर किसान तक पहुंचे और समय रहते किसान कम पानी वाली फसलों की ओर रुख कर सकें, जिससे जल संकट के बीच खेती को सुरक्षित रखा जा सके।
